हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: तीसरे चरण में रिकॉर्ड मतदान, बारिश के बावजूद मतदाताओं का उत्साह चरम पर
Himachal Panchayat Elections 2026:
शिमला। Himachal Panchayat Elections 2026: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण के मतदान में वर्षा के बीच बीते दो चरणों की अपेक्षा ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। प्रदेश की 1,189 पंचायतों के 6,615 वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। तीसरे चरण के साथ प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अब मतगणना व परिणामों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
यहां पढ़िए हिमाचल पंचायत चुनाव से जुड़ी पल-पल की अपडेट
LIVE UPDATES
- जिला कांगड़ा में तीन बजे तक 70.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
- तीन बजे के बाद भी कई पोलिंग बूथ पर लंबी लाइन लगी हुई हैं। इससे पहले हुए दो चरण में भी कई बूथ पर 6 से 7 बजे तक वोटिंग जारी रही थी।
- हमीरपुर में जिला परिषद वार्ड ऊहल के अंतर्गत बनालग पोलिंग बूथ में विधायक के पहुंचने पर विवाद हो गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशी मंगलेश ठाकुर के पति ने उनके निरीक्षण पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
- मतदान प्रतिशत के लिहाज से सिरमौर जिला 71.80 प्रतिशत मतदान के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा। सोलन में 66.23 प्रतिशत, शिमला में 65.72 प्रतिशत, ऊना में 64 प्रतिशत और किन्नौर में 63.64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और चंबा जैसे बड़े जिलों में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में कुल 63.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार कुल 15,39,161 पंजीकृत मतदाताओं में से 9,70,391 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- मंडी जिला में एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
- जिलास्तर पर सिरमौर में सबसे अधिक 49.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया, जबकि मंडी में 39.03, चंबा में 39.06, कांगड़ा में 39.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विजयपुर पंचायत में अपने परिवार संग मतदान किया। मतदान के लिए वह विशेष तौर पर गांव पहुंचे
- पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मां 86 वर्षीय ब्रिकु देवी ने मुरहाग पंचायत में मतदान किया।

- मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की माता 88 वर्षीय संसार देई ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के मतदान केंद्र भवड़ां में वोट डाला। इस मतदान केंद्र को पिंक बूथ बनाया गया था, जिसमें केवल महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ही पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी के रूप में तैनात किया गया है।

- सुबह 11 बजे तक यानी पहले 4 घंटे के दौरान करीब 42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इस दौरान 6.34 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में मतदान के लिए अधिक उत्साह दिखाया।
- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में सराज की मुरहाग पंचायत के आहुण बूथ पर मतदान किया।

- जिला ऊना के कई मतदान केंद्रों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे मतदान कर्मियों और मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। अम्बोटा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में मतदान शुरू होने के समय बिजली नहीं थी। स्थिति ऐसी रही कि मतदान कर्मियों को मोबाइल फोन की रोशनी के सहारे मतदान प्रक्रिया करवानी पड़ी।
- पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 21.08 प्रतिशत ओर महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 17.70 प्रतिशत दर्ज किया गया। पंचायत चुनाव में इस बार पहली बार है जब महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों ने ज्यादा मतदान किया है।
- सुबह सात बजे से नौ बजे तक दो घंटों के दौरान कुल 19.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

जिला मंडी के कोटली में छोटे बच्चों को साथ लेकर मतदान करने के लिए पहुंचे मतदाता।
प्रदेश में 11 बजे जिला आधार पर मतदान
- जिला मत प्रतिशत
- सिरमौर 49.38
- ऊना 42.95
- सोलन 42.51
- किन्नौर 43.89
- लाहुल स्पीति 43.15
- शिमला 43.09
- हमीरपुर 43.27
- कुल्लू 41.07
- बिलासपुर 39.68
- कांगड़ा 39.13
- चंबा 39.06
- मंडी 39.03
सिरमौर सबसे आगे
जिला स्तर पर देखें तो सिरमौर 23.78 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे है। राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में भी मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

जिला मंडी की पंचायत केलोधार के पोलिंग बूथ नंबर पांच शनाहर में मतदान करते मतदाता।
जिला आधार पर मतदान प्रतिशत
- जिला मतदान प्रतिशत
- सिरमौर 23.78
- कुल्लू 20.50
- शिमला 20.24
- किन्नौर 20.10
- ऊना 19.69
- सोलन 19.86
- कांगड़ा 18.19
- चंबा 18.82
- हमीरपुर 19.85
- बिलासपुर 19.22
- मंडी 17.96
- लाहुल-स्पीति 17.35
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में भी मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
-सुरजीत सिंह राठौर, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग।