131 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बिहार समेत तीन राज्यों के 12 ठिकानों पर छापेमारी

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Major ED action in ₹131 crore illegal sand mining case

पटना। Major ED action in ₹131 crore illegal sand mining case,131 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध बालू खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बिहार, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के 12 ठिकानों पर एक साथ छापामारी की।

शनिवार को ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कार्रवाई के दौरान 2.92 करोड़ रुपये नकद, जमीन और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज, चेक, ऋण समझौते, निवेश संबंधी कागजात और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

पटना, बांका से लेकर राजस्थान तक पड़े छापा

ईडी के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।

बिहार के पटना और बांका के अलावा राजस्थान के श्रीगंगानगर, जयपुर तथा दिल्ली-एनसीआर के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

महादेव एन्क्लेव कंपनी जांच के दायरे में

जांच महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड, बांका से जुड़े अवैध बालू खनन मामले में की जा रही है।

ईडी के मुताबिक कंपनी का संचालन श्रीगंगानगर के चंदक परिवार द्वारा किया जाता है। कंपनी से जुड़े प्रमुख नाम अशोक चंदक और उनके पुत्र राघव चंदक बताए गए हैं।

IIT पटना की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

ईडी ने बताया कि जांच की शुरुआत बांका में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई। आरोप है कि कंपनी और उसके निदेशक मनोज पचीसिया ने बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया।

जांच के दौरान ईडी ने नदी घाटों का भू-स्थानिक विश्लेषण कराने के लिए आईआईटी पटना की मदद ली थी।

रिपोर्ट में 131 करोड़ के अवैध खनन का दावा

आईआईटी पटना की रिपोर्ट में वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध बालू खनन की पुष्टि होने का दावा किया गया।

इसके बाद ईडी ने अपनी रिपोर्ट बिहार राज्य खनन निगम और खान एवं भूतत्व विभाग को भेजी, जिसके आधार पर 21 अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले की जांच अभी जारी

ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में धन शोधन के पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।