Cabinet ने होम स्टे योजना में किया महत्वपूर्ण बदलाव, अब उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को मिलेगा इसका लाभ
Uttarakhand Homestay License
देहरादून: Uttarakhand Homestay License: बुधवार 15 जनवरी को उत्तराखंड सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगी. वहीं इसके अलावा लंबे समय से हाशिए पर ब्रिडकुल कार्यदाई संस्था की भी सरकार ने सुध ली है. कैबिनेट बैठक में प्रदेश में पर्यटन जुड़ी महत्वपूर्ण होमस्टे योजना को लेकर सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं. दरअसल उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है. अब इस नियमावली के तहत अब होम स्टे योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे.
पंजीकरण नियमावली में संशोधन: राज्य में पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण के लिए उत्तराखंड पर्यटन और यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली-2014 और संशोधन नियमावली-2016 पूर्व से प्रभावी है. साथ ही होम स्टे के संचालन के लिए एक अलग से अतिथि गृह आवास (होम-स्टे) पंजीकरण नियमावली-2015 समय-समय पर संशोधित की गई है. इसे उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद UTDB द्वारा लाया गया है. विभाग का मानना है कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों के पंजीकरण के लिए कई अलग-अलग नियमावलियां प्रभावी होने जैसी स्थिति बन रही थी, जिसका अब समाधान किया गया है.
पर्यटन सचिव ने क्या कहा: सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने कहा कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों को अपने स्वामित्व वाले परिसर में स्वावलंबन स्वरोजगार दिया जाएगा. उत्तराखंड के स्थानीय निवासियों के इतर लोगों को उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026 प्रख्यापित किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया.
केदारनाथ में खच्चरों के मल से बनेगा ईंधन: इसके अलावा केदारनाथ धाम में खच्चर के गोबर को पर्यावरण अनुकूल ईंधन पेलेट में परिवर्तित किए जाने सम्बन्धित पायलट प्रोजेक्ट को संचालित किये जाने का मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन किया गया. केदारनाथ धाम में दर्शन हेतु श्रद्धालुओं द्वारा एवं माल ढुलाई हेतु काफी अधिक संख्या मे खच्चर संचालित किए जाते हैं. खच्चरों द्वारा रास्ते में किये जाने वाला गोबर काफी हानिकारक होने से गोबर एवं चीड़ की पत्तियों को 50-50 अनुपात में मिश्रित कर पर्यावरण-अनुकूल बायोमास पेलेट का उत्पादन किये जाने के लिए एक वर्ष की अवधि के पायलट प्रोजेक्ट पर अनुमति दी गई.
रोपवे और टनल भी बनाएगा अब ब्रिडकुल: उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यों में विस्तार करते हुए ब्रिडकुल को रोपवे, ऑटोमेटेड/मैकेनाइज्ड कार पार्किंग, टनल/कैविटी पार्किंग से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए राज्य की कार्यदायी संस्थाओं की सूची में सम्मिलित किए जाने का निर्णय लिया गया.