बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का ऑफर, एक लाख रुपये मासिक वेतन पर साथ काम करने का प्रस्ताव
Swami Avimukteshwaranand offers dismissed constable
लखनऊ। Swami Avimukteshwaranand offers dismissed constable, उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला को एक महीने भी बिना वेतन के नहीं रहना पड़ेगा। लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात रहे सुनील शुक्ला को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के उल्लंघन के प्रकरण में पहले निलंबित और फिर बर्खास्त किया गया। अब उनको स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने साथ काम करने का बड़ा ऑफर दिया है।
यूपी पुलिस से बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बड़ा ऑफर मिला है। स्वामी ने एक कार्यक्रम में उनकी पिछली सैलरी के बारे में पूछा और एक लाख रुपये हर महीना का ऑफर दिया है। अभी तक सुनील कुमार शुक्ला की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है।
सिपाही सुनील शुक्ला को अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा और सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन करने पर 28 जून 2026 को बर्खास्त कर दिया गया। अभी उनकी बर्खास्तगी का एक महीना भी नहीं हुआ है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें अपने साथ काम करने का बड़ा ऑफर दिया है।
सुनील कुमार शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद जून 2026 में सुनील को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस के 2015 बैच के बर्खास्त आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला अमेठी जिले के गौरीगंज के प्योर रामसेवक मिश्र के रहने वाले और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात थे। मई 2026 में उन्होंने ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों की वसूली और वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किए थे। विभागीय जांच में सबूत पेश न कर पाने, अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन पर यह कार्रवाई हुई थी।
आरोपों की जांच के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने 7 मई 2026 को जांच कमेटी का गठन किया था। जांच में सभी आरोप बेबुनियाद मिले थे। इसके साथ ही सुनील कुमार शुक्ला को सबूत पेश करने को कहा गया, लेकिन वह जांच कमेटी के सामने न उपस्थित हुए और न ही कोई सबूत दे पाए। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया था।