शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना जरूरी-महिपाल ढांडा

शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना जरूरी-महिपाल ढांडा

Linking education with skills and industry is essential

Linking education with skills and industry is essential

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के तत्वावधान में उच्च शिक्षा में कौशल-आधारित पाठ्यक्रम एवं माइक्रो क्रेडेंशियल की कार्यशाला आयोजित 

प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं और अकादमिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, शिक्षा में कौशल के समन्वय पर हुआ मंथन  

पलवल। दयाराम वशिष्ठ। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के तत्वावधान में उच्च शिक्षा में कौशल-आधारित पाठ्यक्रम एवं माइक्रो क्रेडेंशियल की अनुवर्ती कार्यशाला का आयोजन किया गया। हरियाणा के उच्च शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना नितांत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं एवं अकादमिक प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को रोजगार सक्षम एवं उद्यमशील बनाने का आह्वान किया। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा और एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कार्यशाला में पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया। शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने उच्च शिक्षा के स्वरूप को लचीला और रोजगारोन्मुखी बनाया है। हमें इन नीतियों को धरातल पर लागू करना होगा। इसी से भारत आर्थिक महाशक्ति और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में हमें स्किल को समन्वित करना है। इससे हरियाणा की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से कौशल आधारित कार्यक्रमों और माइक्रो क्रेडेंशियल पर किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी ली। 

Linking education with skills and industry is essential

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू ने ग्रॉस इनरोलमेंट रेशो को बढ़ाने का सुझाव देते हुए कहा कि अभी हरियाणा में यह अनुपात लगभग 33 प्रतिशत है, हमारा लक्ष्य 18 से 24 वर्ष के युवाओं को 50 प्रतिशत तक उच्च शिक्षा इकोसिस्टम से जोड़ना है। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि इंडस्ट्री माइक्रो क्रेडेंशियल को महत्व देती है, इसलिए सभी विश्वविद्यालयों को इस पर ध्यान केंद्रित करना होगा।        

हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि यूजीसी के निर्देशों की अनुपालना के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत इंटर्नशिप और व्यवहारिक शिक्षा को पाठ्यक्रम के साथ समन्वित करना हमारा लक्ष्य है। प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने सभी कुलगुरुओं एवं शिक्षाविदों से नवाचार और उद्योग के साथ जुड़ाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो नवाचार नहीं करेंगे, वह पिछड़ जाएंगे। विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी नहीं बल्कि स्किल्ड होने चाहिएं। परिषद के उपाध्यक्ष प्रोफेसर एसके गक्खड़ ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, अपितु कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता है। प्रोफेसर गक्खड़ ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय स्किल से पूरे एनसीएआर की दिशा बदल सकता है।

Linking education with skills and industry is essential

एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि स्किल प्रोग्राम एनईपी के अनुसार होने चाहिएं और इनमें माइक्रो क्रेडेंशियल का प्रावधान जरूरी है। इसके माध्यम से प्लेसमेंट को बढ़ाया जा सकता है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि स्किल को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। उन्होंने एसवीएसयू में इस कार्यशाला के आयोजन के लिए परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा का आभार ज्ञापित किया। इससे पूर्व परिषद के राज्य परियोजना निदेशक प्रोफेसर आरएस राठौड़ ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखी और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। शिक्षा मंत्री सहित सभी अतिथिगण ने एसवीएसयू के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का अवलोकन किया और स्टार्टअप शुरू करने वाले विद्यार्थियों की प्रदर्शनी भी देखी। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने नव निर्मित कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन किया और न्यूज़ लैटर कौशल संवाद का विमोचन भी किया। उन्होंने परिसर में एक पौधा भी लगाया।                                     

एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू, उपाध्यक्ष प्रोफेसर एसके गक्खड़, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी की कुलगुरु प्रोफेसर दीप्ती धर्माणी, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजेंद्र अनायत, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर संजय कौशिक, भगत फूल सिंह विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर सुदेश छिकारा, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के कुलगुरु प्रोफेसर असीम मिगलानी को भगवान श्री विश्वकर्मा की प्रतिमा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और सभी का धन्यवाद भी किया। एसवीएसयू के अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह, डीन प्रोफेसर ज्योति राणा, डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज और एसीडी की संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता ने भी विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों से कौशल पर चर्चा की।