पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता टीकाराम जूली का सरकार पर हमला, बोले- जिम्मेदारों पर हो सख्त कार्रवाई
Congress leader Tikaram Jully attacks the government
Congress leader Tikaram Jully attacks the government, राजस्थान के कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने PTI से बात करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए और आप शिक्षा सचिव को बदल रहे हैं. सेंट्रल ब्यूरोक्रेसी में नरेश पाल गंगवार को हायर एजुकेशन सेक्रेटरी बनाया गया है. उन्होंने कहा कि उसको भी हटा नहीं रहे हो, बल्कि दूसरे डिपार्टमेंट में पंचायत राज के अंदर आपने बना दिया. तो बच्चों के साथ जो धोखा हुआ है, उसका जिम्मेदार कौन है? उसमें आपने किस पर कार्रवाई की? और इसमें जो शिक्षा सचिव आप बना रहे हो, उन्होंने खुद के डिपार्टमेंट से करोड़ों की सब्सिडी खुद के परिवार को और करोड़ों की सब्सिडी मंत्री के परिवार को दे दी, तो आप समझ सकते हो कि बच्चों के भविष्य के बारे में यह सरकार कितनी चिंतित है.
पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन?
उन्होंने कहा कि मोदी जी अब इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं कि बच्चों के साथ जो हुआ हम उस पर कार्रवाई करेंगे. पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन है? मैं आज देख रहा था, अखबार में एक खबर छपी थी कि 2024 में नीट पेपर लीक करने वाला मास्टरमाइंड बरी हो गया. कहा गया कि इस पर कोई केस ही नहीं बनता है, तो आप समझ सकते हैं कि जिस प्रकार के हालात हैं, और जिस प्रकार की जांच देश में चल रही है, ये लीपापोती है. इसके अलावा कुछ नहीं.
"सोनम वांगचुक को बताते थे चीनी एजेंट"
उन्होंने कहा कि एक तरफ सोनम वांगचुक को चीनी एजेंट बता रहे थे, आज कैबिनेट मंत्री जाकर उनसे वार्ता कर रहे हैं. यहां हमारे प्रदेश के अध्यक्ष बीजेपी के मदन राठौड़ बच्चों को भाड़े के टट्टू बता रहे थे. आतंकी फंडिंग होती है. सोनम वांगचुक को भी विदेशों से फंडिंग होने की बात कह रहे थे. उस पर बीजेपी ने आज तक कोई सफाई नहीं दी. ना मदन राठौड़ जी ने माफी मांगी.
"इतने दिनों से चुप क्यों थे?"
टीकाराम जूली ने कहा कि बच्चों पर लाठीचार्ज और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार के बाद आपकी समझ में आया कि पेपर लीक हुआ है. अब आप (पीएम मोदी) कह रहे हो कि हम कार्रवाई करेंगे. जो बच्चे सुसाइड कर लिए, जिनका भविष्य बर्बाद हो गया, उनके लिए क्या दो शब्द कहेंगे आप? आप इतने दिनों से चुप क्यों थे?
"जेल के अंदर से चलाते हैं रैकेट"
टीकाराम जूली ने कहा कि जब नया-नया मामला होता है तो दिखावे के लिए उस समय अरेस्ट भी दिखा देते हैं, कार्रवाई भी बता देते हैं, लेकिन कमजोर पैरवी की वजह से कोर्ट से छूट जाते हैं. कई तो जेल के अंदर से ही रैकेट चलाते हैं, तो ये सरकार का फेलियर है.