राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, नए ट्रस्टी और महासचिव पर लग सकती है मुहर

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Crucial meeting of the Ram Mandir Trust today

अयोध्या। Crucial meeting of the Ram Mandir Trust today, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी उजागर होने के कारण उपजी विषम परिस्थिति में पखवारे भर बाद ही दूसरी बार होने जा रही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक अति महत्वपूर्ण हो चली है।

बुधवार को प्रस्तावित ट्रस्टियों की बैठक में न केवल ट्रस्ट को नए सदस्य मिलेंगे और नए महासचिव का चयन होगा, बल्कि मंदिर प्रबंधन को लेकर भी बड़े बदलाव होने की संभावना प्रबल है।

इसी बैठक में ट्रस्टियों की सहमति से वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी अहम निर्णय लिए जाएंगे और गणना कक्ष को परकोटे में स्थानांतरित करके चाेरी की गुंजाइश समाप्त की जाएगी। साथ ही निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करके जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।

बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

चढ़ावा चोरी से जुड़ी एसआइटी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। दोनों जिम्मेदारों का त्यागपत्र स्वीकार कर मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य पद से हटाकर बाहर कर दिया गया था।

तात्कालिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया था और मंदिर में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर सहमति बनने पर योग्य व्यक्तियों के चयन के लिए तीन वरिष्ठ सदस्यों की समिति बनाई गई थी।

इसी बैठक के उपरांत 22 जुलाई को पुन: बैठक आहूत की गई थी, जिसका एजेंडा अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने जारी कर दिया है। यह बैठक मणिराम दास जी की छावनी में अपराह्न चार बजे से अध्यक्ष महांत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता मेंं होगी।

इससे पहले अपराह्न तीन बजे ट्रस्टियों की विशेष बैठक भी बुलाई गई है। बताया जा रहा कि इसमें नए ट्रस्टियों के नामों पर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद चार बजे से शुरू होने वाली सामान्य बैठक में छह व 22 जुलाई की दोनों बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी।

रिपोर्ट पर चर्चा की संभावना कम

तदुपरांत ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार विविध समितियों का पुनर्गठन होगा। विशेष जांच दल (एसआइटी) की ओर से प्राप्त अंतिम प्रतिवेदन पर चर्चा होगी। हालांकि अब एसआइटी की अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत हो जाने से इस पर चर्चा की संभावना क्षीण है।

ट्रस्ट अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इसमें गणना कक्ष को यात्री सुविधा केंद्र से स्थानांतरित करके परकोटे के बेसमेंट में ले जाने का प्रस्ताव सम्मिलित बताया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इसी बैठक में पूर्व पदाधिकारियों की संस्तुति पर रखे गए कुछ ट्रस्ट कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इन्हें पहले ही चिह्नित भी कर लिया गया है।

ट्रस्ट में वर्तमान में तीन पद रिक्त 

दो पदाधिकारियों के त्यागपत्र के बाद से ट्रस्ट में तीन सदस्यों के पद रिक्त चल रहे हैं। पूर्व महासचिव चंपतराय व पूर्व सदस्य डा. अनिल मिश्र के इस्तीफे के पहले से ही एक पद अयोध्या राज परिवार के मुखिया रहे बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के गत वर्ष हुए निधन से रिक्त रहा है।

इसी बैठक में तीन पदों पर नई नियुक्तियां संभावित हैं। इसके साथ अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन को ही महासचिव के रूप में मनोनीत किया जा सकता है।

रामनगरी के इन संतों का नाम आगे 

राम मंदिर ट्रस्ट में सदस्य पद के लिए रामनगरी के कई संत-धर्माचार्यों का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जो रामानंदीय वैष्णव संप्रदाय से आते हैं।

इनमें प्रख्यात मनीषी व सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महांत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महांत कमलनयनदास, श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी महांत राजकुमार दास, रंगमहल पीठाधीश्वर महांत रामशरणदास, रामकथा कुंज के पीठाधीश्वर डा. रामानंददास, कोशलेस सदन के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर सहित अन्य शामिल हैं। इनके अलावा अयोध्या राजपरिवार के उत्तराधिकारी व प्रख्यात साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। उनके पिता बिमलेंद्र मोहन मिश्र ट्रस्ट के सदस्य व मंदिर निर्माण समिति के सदस्य थे। उनका कुछ दिनों पहले देहावसान हो गया था।