लखनऊ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, राम मंदिर प्रबंधन और गौ संरक्षण को लेकर दिए कई बयान
Swami Avimukteshwaranand arrived in Lucknow and made several statements
लखनऊ। गविष्टि गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के तहत बुधवार को राजधानी पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के प्रबंधन को लेकर कहा कि श्रीराम मंदिर में जो होना था, वह हो चुका है, लेकिन वहां आरएसएस के लोग क्यों बैठे हैं?
आरएसएस के लोग श्रीराम को भगवान नहीं मानते। उनकी पुस्तकों में भगवान श्रीराम को केवल एक महान मानव के रूप में बताया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मंदिर प्रबंधन से हटाकर व्यवस्था कर्मचारियों के हवाले कर देनी चाहिए।
यह भी कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में जांच या सजा की बात ही नहीं उठती, क्योंकि मंदिर का संचालन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए। गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए समाज में जन जागरूकता के फैलाने के लिए तहत तीन मई को गोरखपुर से चली यात्रा का प्रदेश की सभी विधान सभा क्षेत्रों से होती हुई 24 जुलाई को आशियाना के स्मृति उपवन मैदान में समापन होगा।
यहां पूरे देश से आए संतों का जमावड़ा लगेगा। राजधानी में समाजवादी पार्टी की ओर से जगह-जगह स्वागत किया गया। मध्य विधान सभा क्षेत्र में नवीन धवन बंटी व पार्षद देवेंद्र सिंह यादव ‘जीतू’ की ओर से लालबाग में फूलों की वर्षा के बीच स्वागत किया गया।
फैजुल्लागंज में सपा नेता पूजा शुक्ला व कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया गया। माल क्षेत्र के पीरनगर स्थित बूढ़े बाबा हनुमान मंदिर में कहा कि भूख और प्यास से गायों की मौत हो रही है और इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी 81 दिवसीय गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का उद्देश्य गोमाता की रक्षा के लिए जनजागरण और प्रभावी कानून की मांग करना है।
राजाजीपुरम में कहा कि सरकार से एक छोटी सी मांग है कि गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की दिशा में पहल करे। केवल आश्वासनों पर भरोसा नहीं किया जाएगा, बल्कि ठोस कानूनी कदम उठाने वालों का ही समर्थन मिलेगा। यहां पश्चिम विधान सभा क्षेत्र विधायक अरमान खान ने स्वागत किया।