उत्तर प्रदेश IT हब: बजट में 2059 करोड़ का बड़ा निवेश

उत्तर प्रदेश IT हब: बजट में 2059 करोड़ का बड़ा निवेश

Uttar Pradesh IT Hub: Big investment of Rs 2059 crore in the budget

Uttar Pradesh IT Hub: Big investment of Rs 2059 crore in the budget

  1. आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 2059 करोड़ रुपये का आवंटन।

  2. 'उत्तर प्रदेश एआई मिशन' के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान।

  3. राज्य में 8 नए डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब 'डिजिटल प्रदेश' बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विकास का इंजन बनाया गया है। इस क्षेत्र के लिए 2,059 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है। यह भारी निवेश उत्तर प्रदेश को न केवल देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने के लिए तैयार करेगा, बल्कि राज्य को उन्नत तकनीक और नवाचार का ग्लोबल केंद्र भी बनाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नया हब

बजट में तकनीक के भविष्य 'एआई' को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने 'उत्तर प्रदेश एआई मिशन' के आगाज के साथ ही 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 32.82 करोड़ रुपये की लागत से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डाटा लैब्स की स्थापना की जाएगी, ताकि तकनीक का लाभ छात्रों से लेकर डॉक्टरों और किसानों तक पहुँच सके।

डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में बादशाहत

उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र है, जहाँ भारत के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है। राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने 44,744 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया है। सरकार अब 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है, जिसमें से 21,342 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र

डिजिटल विस्तार के साथ सरकार सुरक्षा के मोर्चे पर भी सजग है। बढ़ते साइबर खतरों से निपटने के लिए 95.16 करोड़ रुपये की नई योजना के तहत साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है। 'एआई प्रज्ञा' कार्यक्रम के माध्यम से माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां प्रदेश के अधिकारियों और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर रही हैं।

बजट में आईटी सेक्टर पर यह ऐतिहासिक भरोसा उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर ले जा रहा है। स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर' का दर्जा हासिल करने के बाद, अब यह निवेश प्रदेश की डिजिटल इकोनॉमी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।