रांची में LPG संकट पर बवाल: सिलिंडर न मिलने से सड़क जाम, कालाबाजारी के आरोप
Uproar over LPG Crisis in Ranchi
रांची। Uproar over LPG Crisis in Ranchi, झारखंड के रांची में चुटिया स्थित महादेव मंडा परिसर के बाहर गैस सिलिंडर की किल्लत को लेकर शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार रात से ही लाइन में खड़े उपभोक्ताओं ने जब शुक्रवार दोपहर तक गैस सिलिंडर नहीं मिला तो विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने दोपहर करीब 12 बजे से 2 बजे तक मुख्य सड़क पर गैस सिलिंडर रखकर जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
उपभोक्ताओं का कहना था कि वे गुरुवार रात करीब 1 बजे से ही खाली सिलिंडर लेकर लाइन में खड़े हैं, लेकिन शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक भी उन्हें गैस उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे नाराज लोगों ने इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और व्यवस्था पर सवाल उठाए।
राहगीरों से भिड़े उपभोक्ता, स्थिति हुई तनावपूर्ण
सड़क जाम के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों और प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। कुछ जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हाथापाई की नौबत तक आ गई।
हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बावजूद काफी देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा डीएसी नंबर
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गैस वितरण प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पहले 25 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, फिर बुकिंग करने के बाद डीएसडी नंबर का इंतजार करना पड़ता है।
इसके बाद डीएसी नंबर के लिए एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जहां एक-एक नंबर की जांच में 10-10 मिनट का समय लगाया जा रहा है। लोगों ने बताया कि डीएसी नंबर मिलने के बाद भी सिलिंडर पाने के लिए कई दिनों तक भटकना पड़ता है।
कई उपभोक्ता पिछले 4-5 दिनों से अलग-अलग स्थानों जैसे शास्त्री मैदान, बेलबगान, अमरावती कॉलोनी, गोसाईं टोली और महादेव मंडा में रातभर लाइन लगाकर गैस गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लैक मार्केटिंग के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में गैस सिलिंडर की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने बताया कि 3000 रुपये तक में सिलिंडर बेचे जा रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही है।
लोगों का कहना है कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाला सिलिंडर फास्ट-फूड दुकानों और व्यावसायिक उपयोग में लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
आक्रोशित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए, कालाबाजारी पर रोक लगे और आम लोगों को समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
क्या कहते उपभोक्ता?
मैं गुरुवार रात 1 बजे से लाइन में खड़ा हूं, लेकिन अब तक गैस नहीं मिली। हर बार यही परेशानी होती है। बुकिंग के बाद भी कई दिन इंतजार करना पड़ता है। परिवार को काफी दिक्कत हो रही है, प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। - सुजीत कुमार चौधरी
हम महिलाएं और बच्चे रातभर लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी गैस नहीं मिलती। छोटे बच्चों के साथ इतनी परेशानी झेलना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ब्लैक में सिलिंडर मिल रहा है, लेकिन आम लोगों को नहीं। यह व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। - ममता देवी
चार-पांच दिनों से अलग-अलग जगह लाइन में लग रहा हूं, फिर भी सिलिंडर नहीं मिला। डीएसी नंबर की प्रक्रिया भी बहुत धीमी है। एजेंसी की लापरवाही से लोग परेशान हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो मजबूरन हमें फिर से सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। -पंच कुमार