केरलम में यूडीएफ की ऐतिहासिक वापसी: आज सीएम पद की शपथ लेंगे वी.डी. सतीशन, कैबिनेट में दिखेंगे 21 चेहरे
UDF makes historic comeback in Kerala
नई दिल्ली। केरलम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 140 में से 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी.डी. सतीशन सोमवार (18 मई) को सुबह 10 बजे तिरुअनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में अपने मंत्रिमंडल के साथ पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
इस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा सदस्य राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा, कांग्रेस शासित राज्यों (कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश) के मुख्यमंत्री भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को भी आमंत्रित किया गया है।
नए मंत्रिमंडल में 21 लोग सदस्य होंगे शामिल
21 सदस्यीय 'पूर्ण कैबिनेट' में क्षेत्रीय व गठबंधन संतुलन मुख्यमंत्री-मनोनीत वी.डी. सतीशन ने रविवार को राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर अपने सहयोगियों की अंतिम सूची सौंप दी। इस नए मंत्रिमंडल में सतीशन सहित कुल 21 सदस्य शामिल होंगे, जिसमें अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का बेहतरीन संतुलन बनाया गया है।
गठबंधन के समझौतों को ध्यान में रखते हुए इस कैबिनेट में दो महिलाओं और अनुसूचित जाति समुदाय के दो सदस्यों सहित 14 नवनिर्वाचित सदस्यों को भी जगह दी गई है। गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (आइयूएमएल) को पांच कैबिनेट सीटें मिली हैं।
आइयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने घोषणा की है कि क्षेत्रीय संतुलन (कोझिकोड जिले का प्रतिनिधित्व) बनाए रखने के लिए सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद अनुभवी नेता परक्कल अब्दुल्ला को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस के कम मंत्रियों पर सतीशन ने जताई निराशा
इस ऐतिहासिक जीत के बावजूद, मुख्यमंत्री-नामित सतीशन ने मंत्रिमंडल में कांग्रेस के लिए सीमित अवसरों पर थोड़ी निराशा व्यक्त की है।
सूत्रों के मुताबिक, सतीशन ने इस बात को रेखांकित किया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले 63 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, लेकिन गठबंधन की प्रतिबद्धताओं और सत्ता-साझेदारी के नियमों के कारण पार्टी के केवल 11 सदस्यों (सतीशन के अलावा 10) को ही मंत्रालय में जगह दी जा सकी है। बहरहाल, इस शपथ ग्रहण के साथ ही केरलम में यूडीएफ सरकार के एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।