बिहार में भ्रष्टाचार पर शिकंजा, निगरानी ब्यूरो का 80 केस का लक्ष्य; रिश्वतखोरों पर तेज कार्रवाई
Tightening the Noose on Corruption in Bihar
पटना। Tightening the Noose on Corruption in Bihar, बिहार में भ्रष्टाचारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सरकारी कार्यालयों में काम के बदले रिश्वत लेने वाले भ्रष्ट लोकसेवकों को पकड़ने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बाकायदा कैलेंडर के अनुसार एक्शन प्लान बनाया है। इसके अनुसार, साल की पहली छमाही यानी जून तक 80 भ्रष्टसेवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का टास्क है।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, अभी तक भ्रष्टाचार के मामले में 62 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इसमें 25 मई तक 55 अभियुक्तों को निगरानी की टीम ने रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा है। इनके पास से निगरानी ने रिश्वत की 24 लाख से अधिक की राशि बरामद की है।
2009 में दर्ज किए गए थे सबसे अधिक मामले
पिछले 25 वर्षों में अभी तक पहली छमाही में सर्वाधिक 74 मामले वर्ष 2009 में दर्ज किए गए थे। इसके बाद 2007 की पहली छमाही में 70 कांड निगरानी में दर्ज हुए थे। निगरानी की टीम इस साल हर माह औसत 12-13 भ्रष्टसेवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर रही है।
यही गति काम रही तो जून तक की गई कार्रवाई निगरानी का नया रिकॉर्ड बना देगी। पिछले साल 2025 की पहली छमाही में 46 कांड दर्ज हुए थे। वहीं 2025 में निगरानी ने पूरे साल में 122 प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें 101 ट्रैप के मामले थे। इसके अंतर्गत 37 लाख 80 हजार की रिश्वत की राशि बरामद की गई थी।
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर लगातार निगरानी की टीम धावा दल का गठन कर कार्रवाई कर रही है। इस साल जनवरी से ही बड़ी संख्या में कार्रवाई हो रही है। ट्रैप कांडों से लेकर कोर्ट ट्रायल तक की लगातार मानीटरिंग की जा रही है। आमलोगों से अपील है कि अगर उनसे किसी तरह की रिश्वत मांगी जाती है, तो वह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को शिकायत दर्ज करें। - जितेंद्र सिंह गंगवार, महानिदेशक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो
पहली छमाही में निगरानी की कार्रवाई
वर्ष - प्राथमिकी
2020 - 13
2021 - 25
2022 - 31
2023 - 24
2024 - 05
2025 - 46
यहां करें भ्रष्टाचारियों की शिकायत
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