झारखंड में "रहमान डकैत" का साया: बीजेपी ने जारी किए 6 साल के 'खौफनाक' आंकड़े; 9,213 हत्याओं का दावा

झारखंड में "रहमान डकैत" का साया: बीजेपी ने जारी किए 6 साल के 'खौफनाक' आंकड़े; 9,213 हत्याओं का दावा

The Shadow of

The Shadow of "Rahman Dacoit" Looms Over Jharkhand

रांची: The Shadow of "Rahman Dacoit" Looms Over Jharkhand, झारखंड में बिगड़ती कानून- व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हेमंत सोरेन सरकार पर हमले तेज हो गए हैं। झारखंड राज्य में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बीजेपी के प्रवक्ता की ओर से गंभीर आरोप लगाया गया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि राज्य में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि झारखंड की हर गली में रहमान डकैत घूम रहा है। इससे साफ है कि अपराधियों का डर आम जनता के बीच गहराता जा रहा है।


झारखंड में अपराध बढ़े- बीजेपी
बीजेपी प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 तक के डेटा के मुताबिक 10, 113 रेप के मामले, 11,000 अपहरण, 9,213 हत्याएं और 60,000 चोरी की घटनाएं हुई हैं। उसके अलावा 2.8 लाख संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहा है। स्थिति काफी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान कानून व्यवस्था को सुधारने में नहीं है। राज्य में बालू, कोयला और लोहा माफिया बेखौफ होकर अपना काम कर रहे हैं। ये सब बिना किसी सियासी संरक्षण के संभव नहीं है।

हाई कोर्ट की फटकार- बीजेपी
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट ने कई बार कानून- व्यवस्था को लेकर सरकार को फटकार लगाई है। इसके बाद भी कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने में फेल है। खासकर रेप जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिल रही है। अपराध पर रोक नहीं लग पा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना होगा। अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए। इसके लिए मजबूत इरादे की जरूरत है।

बीजेपी का आरोप
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पुलिस को संसाधन बढ़ाना चाहिए। लेकिन मजबूत इरादे के साथ, उसके अलावा पुलिस को अपने संसाधन बढ़ाना चाहिए। उसके बाद ही कानून- व्यवस्था झारखंड में पटरी पर लौट सकती है। हालांकि, बीजेपी के इस आरोप के बाद सत्तापक्ष की ओर से कोई जवाब अभी तक नहीं आया है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर सियासत तेज हो सकती है। मामले को लेकर दोनों तरफ से टकराव होना स्वभाविक है। ये बयान सियासी हड़कंप मचाने के लिए काफी है।