अंतरराष्ट्रीय मंच पर संथाल की गूँज: सांसद नलिन सोरेन भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के सदस्य मनोनीत

अंतरराष्ट्रीय मंच पर संथाल की गूँज: सांसद नलिन सोरेन भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के सदस्य मनोनीत

The Santhal Voice Resonates on the International Stage

The Santhal Voice Resonates on the International Stage

काठीकुंड (दुमका)। The Santhal Voice Resonates on the International Stage, दुमका लोकसभा सांसद नलिन सोरेन को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का सदस्य मनोनीत किया है। 18वीं लोकसभा के कार्यकाल के लिए गठित यह समूह दोनों देशों के विधायी संबंधों को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा।

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई। मनोनयन के बाद पूरे संथाल परगना और उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। इसे क्षेत्र के लिए एक बड़े सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि यह दायित्व उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है।

इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा। मेरा लक्ष्य सदैव झारखंड और संथाल परगना की आवाज को राष्ट्रीय मंचों पर उठाना रहा है, अब मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और संबंधों को सुदृढ़ करने का अवसर मिला है।

कहा कि उन्हें जो स्नेह और समर्थन क्षेत्र की जनता से मिला है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसी प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा के कार्यों को जारी रखेंगे। संसदीय मैत्री समूह का मुख्य उद्देश्य दो देशों की संसदों के बीच बेहतर संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना है।

झारखंड के नेतृत्व को मिलेगी वैश्विक पहचान

नलिन सोरेन के इस समूह में शामिल होने से झारखंड के नेतृत्व को वैश्विक पहचान मिलेगी और भारत-फिलीपींस के बीच विधायी सहयोग को नया आयाम मिलेगा।सांसद की पत्नी सह जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा ने कहा कि यह उपलब्धि समाज सेवा के पथ पर और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

संथाल परगना के लिए गौरव का क्षण

यह केवल नलिन सोरेन के लिए नहीं, बल्कि पूरे संथाल परगना और झारखंड के लिए गौरव का क्षण है। विश्वास है कि वह इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी कुशलता से करेंगे। झारखंड के नेतृत्व को इस प्रकार की वैश्विक पहचान मिलना राज्य के विकास और सम्मान के लिए एक सकारात्मक संकेत है।