समाज परिवर्तन की दिशा में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है : अतुल लिमये
Role of Women in Bringing about Social Change
समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है : प्रेरणा पुरी
पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन हेतु महिलाओं की विशाल गोष्ठी आयोजित
चण्डीगढ़ : Role of Women in Bringing about Social Change: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चण्डीगढ़ विभाग द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में “पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन” के संकल्प को साकार करने हेतु सेक्टर-18 स्थित टैगोर थियेटर में एक भव्य महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ विभाग के विभिन्न महिला संगठनों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह अतुल लिमये मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासन में शिक्षा, खेल, इंजीनियरिंग एवं जनसंपर्क विभाग की सचिव प्रेरणा पुरी रहीं।
इस अवसर पर पंजाब प्रांत के संघ चालक सरदार इकबाल सिंह एवं अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी की भी गरिमामय उपस्थिति रही।
अपने उद्बोधन में अतुल लिमये ने “पंच परिवर्तन” के पाँच प्रमुख आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज परिवर्तन की दिशा में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली एवं नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विशेष बल देते हुए सभी को इन्हें अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रेरणा पुरी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के सशक्तिकरण में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इन विषयों को अपने जीवन में आत्मसात करने एवं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महिला समन्वय से पंजाब प्रांत सह संयोजिका तमन्ना शर्मा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर महिला समन्वय महानगर संयोजिका प्रतिभा कौशिक ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं उपस्थित बहनों का आभार व्यक्त किया।
यह गोष्ठी न केवल जागरूकता का एक प्रभावी मंच बनी, बल्कि समाज में एक सशक्त, संगठित एवं जागरूक महिला शक्ति के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।
कार्यक्रम आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। कार्यक्रम में मंच पर प्रान्त संघचालक सरदार इक़बाल सिंह, विभाग संघचालक त्रिलोकी नाथ गोयल आदि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ वंदे मातरम के साथ हुआ एवं कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ ।