जाइ जयहो हिन्दू मुस्लिम एकहो सब हिन्दुस्तानी एक हो...
Jai Jaiho Hindu Muslim Ekho Sab Hindustani Ek Ho
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
विजयवाड़ा - गांधीनगर : : (आंध्र प्रदेश) " .जयभारत के तत्वावधान में जयहो कार्यक्रम का आयोजन " तोलेटी कंसल्टेंट्स सभाघार, में विजयवाड़ा गांधी नगर ( जहां गांधी जी गांधीनगर पहाड़ परआम सभा की किया था ) में आयोजित किया गया, जय हो जयभारत के नेताओं ने जयभट टाउन के अध्यक्ष सत्यवती के मुख्य वक्ता के रूप में बात की, रामप्रसाद बिस्मिल ने कहा कि सभी को हिंदू मुस्लिम एकता के लिए काम करना चाहिए अगर हमें एकता नहीं रहेगी तो उसे विदेशी हस्तक्षेप बढ़ेगा देश में विदेशी राजनीतितंत्र के हाथों मेंभारत गुलाम रहने का यही एक मात्र कारण था इस गुलामी को गांधी जी ने सूझ-बूझ के साथ शांति सद्भाव के साथ विरोध किया हम सब एक हैं एक रहेंगे कह कर आवाज दिया उसे दौरान भीकुछ भारतीय तंत्रजो आज विभाजित करना चाहती है यह लोग अंग्रेजों के साथ थे उनके साथ देकर इस आंदोलन को तोड़ना चाहते थे अब देश इतिहास नष्ट करना चाहते हैं यह जागरूक होने का समय हैकहा उस दौरान आजादी की लड़ाई देखकर ही अंग्रेज भारत छोड़ गए वरना वे जाने वाले नहीं थे कहा । उस दौरान आजादी के आंदोलन के विरोध मेंवही लोग अंग्रेज को साथ देने वाले ही आज फिर से जाति धर्म भेदभाव फैलाने की स्थिति में है यह जागरूक समय है जागना जरूरी है कहते हुए तेलंगाना आंध्र के कई लोग इस कार्यक्रम में भाग लिया।
जिसमें अशफकुल्ला खान के बलिदानों को याद करते हुए गांधी भारत की उन आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करना चाहते थे, जो स्वतंत्रता सेनानी चाहते थे। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कारीगर प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष, तोलेटी श्रीकांत, हस्तशिल्प विभाग के प्रदेश अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि देश के सभी धर्मों के लोगों को भाईचारे के साथ रहना चाहिए, वे अपने धर्म को अपनाएं और अन्य धर्मों का सम्मान करें और एक भावना के साथ रहें भाईचारा। कहा। उन्होंने कहा कि हम जितना हो सके जय भारत की मदद करेंगे। खदीजनसी राजमणि ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ शांति की प्रतिज्ञा ली कि वे धार्मिक सद्भाव में रहेंगे और हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम सब है भाई भाई के तर्ज को लेकर संयुक्त धर्म के साथ रहेंगे देश के अंदर जाती विभाजित कर राजनीति करने वालों को दूर रखें वोट बैंकऔर नॉट बैंक बनाने के लिए हीलोगों के बीच में माल मोटा पैदा करकेराजनीतिक स्वार्थ प्राप्त करना इनका सिद्धांत है आम नागरिक संबंध चुके हैं कहा।
इस कार्यक्रम में मारीडू प्रसाद, चंद्रशेखर, टी प्रसाद यादव, एसके भाषा, सहित कई आंदोलन में अनुभवी बुजुर्गों और वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।