साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी डिजिटल ठगी के मामले में एक और शातिर आरोपी को किया काबू

साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी डिजिटल ठगी के मामले में एक और शातिर आरोपी को किया काबू

Cybercrime Police have Apprehended another Accused

Cybercrime Police have Apprehended another Accused

पुलिस अब तक मामले में दो आरोपियो को गिरफ्तार कर चुकी है।
पकड़े गए आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और चेक बुक बरामद।

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Cybercrime Police have Apprehended another Accused: यूटी पुलिस का अहम थाना माने जाने वाले साइबर क्राइम पुलिस को फिर उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली।जब पुलिस ने फर्जी डिजिटल ठगी के मामले में एक और शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपी की पहचान बेंगलुरु कर्नाटक निवासी 28 वर्षीय सिबगतुल्ला बेग @ सैयद के रूप में हुई है। पुलिस अब तक उक्त मामले में कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता जो चंडीगढ़ का रहने वाला है।अज्ञात व्यक्तियों के कई टेलीफोन कॉल आए।जिन्होंने खुद को टेलीकॉम अथॉरिटी ऑफ इंडिया,बैंक और विजिलेंस डिपार्टमेंट के अधिकारी बताया।आरोपी व्यक्तियों ने शिकायतकर्ता को एक मनगढ़ंत मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी दी और कानूनी कार्रवाई से बचने के तरीके के तौर पर धोखे से एक "प्रायोरिटी इनोसेंस सर्टिफिकेट" की पेशकश की।डिजिटल गिरफ्तारी के डर और धोखे में आकर, शिकायतकर्ता ने आरोपियों के निर्देशानुसार कई बार अलग-अलग बैंक खातों में कुल 85 लाख रुपए पैसे ट्रांसफर किए।ठगी की गई।
जांच का विवरण

पुलिस जांच के दौरान,पैसे के लेन-देन के विस्तृत विश्लेषण से पता चला कि ठगी की गई रकम का एक हिस्सा एक बैंक खाते में जमा किया गया था।जो एसके कलेक्शन के नाम पर रजिस्टर्ड था।जिसका मालिक सिबगतुल्ला बेग @ सैयद उससे जुड़ा मोबाइल नंबर भी उसके नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया।टेक्निकल सबूत केवाईसी दस्तावेजों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर स्थानीय पुलिस की मदद से थाना विवेका नगर बेंगलुरु में छापा मारा गया।जिससे सिबगतुल्ला बेग उर्फ सैयद को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि उसने टेलीग्राम ऐप के ज़रिए एक अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की डिटेल्स शेयर की थीं।जिसने उसे ट्रांजेक्शन पर 50% कमीशन का भरोसा दिलाया था। उसने कमीशन के तौर पर 30 हजार रुपए मिलने की बात कबूल की।जिसे उसने निकाल लिया और खर्च कर दिया।उसने दावा किया कि उसे धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के बारे में बैंक अधिकारियों द्वारा सूचित किए जाने के बाद ही पता चला।आरोपी के पास से एक सैमसंग मोबाइल फोन जिसमें सिम कार्ड था और बैंक खाते की एक चेक बुक बरामद की गई।  संगठित साइबर धोखाधड़ी के पूरे तरीके का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य सह-आरोपियों की पहचान करने के लिए आगे की पूछताछ की जाएगी। बता दे कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने हाल ही में फर्जी ट्रैफिक चालान एसएमएस स्कैम भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियो को गिरफ्तार किया था।पकड़े गए आरोपियो की पहचान यूपी के जिला राठ निवासी 19 वर्षीय शैलेंद्र कुमार और बांदा यूपी निवासी 19 वर्षीय महेंद्र सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शातिर आरोपियो को यूपी के जिला बांदा से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए उक्त दो आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धोखाधड़ी वाले एसएमएस भेजे कर लोगों को डरा धमकाकर ठगी कर रहे थे।पुलिस ने दोनों मामलों को सुलझा लिया।