'अतीक अहमद जैसा हाल करेंगे', स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मिली जान से मारने की धमकी
Swami Avimukteshwaranand Saraswati Receives Death Threat
Swami Avimukteshwaranand Saraswati Receives Death Threat: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को अतीक अहमद की तरह मारने की धमकी मिली है। इससे उनके अनुयायियों में हड़कंप मच गया। उनके मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर धमकी भरे मैसेज और ऑडियो भेजे गए हैं। इससे पहले भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।
अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी ने बताया कि शंकराचार्य की ओर से गौ रक्षा के लिए ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान चलाया जा रहा है। इसका एकमात्र उद्देश्य भारत से गौ हत्या को बंद कराना है। इसी क्रम में आगामी 3 मई से उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में उनकी गविष्ठी यात्रा सुनिश्चित है। यात्रा के दौरान वह लोगों से गौ रक्षा के लिए आवाज उठाने और हर विस क्षेत्र में रामा गौ धाम निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे।
संजय पांडेय ने कहा है कि यही बात सनातन विरोधियों को ठीक नहीं लग रही है। इसलिए उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर पहली अप्रैल को लगातार मैसेज से धमकाया गया। नंबर ब्लॉक करने पर 6 अप्रैल को वॉइस मेल में दो ऑडियो संदेश भेजकर धमकी दी गई है। जिसमें अतीक अहमद की मारने की बात कही गई है। इसे लेकर जल्दी ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।
शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष को भी मिली थी उड़ाने की धमकी
इससे पहले श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी को जान से मारने की सनसनीखेज धमकी मिली थी। आशुतोष महाराज का आरोप था कि उन्हें और उनके अधिवक्ता को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिस जांच में वह मोबाइल नंबर पाकिस्तान का पाया गया है, जिससे यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय साजिश और सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट जाने पर मिली धमकी
पूरा मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े एक कानूनी विवाद से शुरू हुआ। आशुतोष ब्रह्मचारी ने उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। आशुतोष महाराज के अनुसार, जैसे ही उन्होंने 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी तेज की, उन्हें डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया था।