सिद्धार्थनगर: रील के चक्कर में 16 घंटे टंकी पर फंसी रही जान; सेना ने 9 मिनट के हवाई ऑपरेशन में किया रेस्क्यू

सिद्धार्थनगर: रील के चक्कर में 16 घंटे टंकी पर फंसी रही जान; सेना ने 9 मिनट के हवाई ऑपरेशन में किया रेस्क्यू

Siddharthnagar: Life hung in the balance for 16 hours atop a water tank

Siddharthnagar: Life hung in the balance for 16 hours atop a water tank

Siddharthnagar: Life hung in the balance for 16 hours atop a water tank,  कांशीराम आवासीय कालोनी में पानी की टंकी पर फंसे दो किशोरों को रविवार सुबह सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। करीब 16 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन महज 9 मिनट में पूरा किया गया।

शनिवार को टंकी पर रील बनाने चढ़े पांच किशोरों में तीन के गिरने के बाद पवन और कल्लू ऊपर ही फंस गए थे। सीढ़ी टूट जाने के कारण नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था। रात में गोरखपुर से पहुंची एनडीआरएफ टीम ने उन्हें उतारने का प्रयास किया, लेकिन वहां तक जाने के लिए सड़क पूरी तरह नहीं बन सकी थी। ऐसे में उनकी लिफ्ट काम नहीं कर सकी और रेस्क्यू असफल रहा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मुख्यमंत्री कार्यालय से वार्ता की, जिसके बाद सेना का हेलीकॉप्टर गोरखपुर से मंगाया गया। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा। सेना के जवानों ने तेजी से ऑपरेशन शुरू किया और महज 9 मिनट में दोनों किशोरों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है।

इससे पहले प्रशासन द्वारा रात में टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने का प्रयास किया गया। रात करीब 3 बजे तक सड़क निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया था, लेकिन अचानक बारिश शुरू होने से कार्य बाधित हो गया। इसके बाद तत्काल हेलीकॉप्टर की मदद लेने का निर्णय लिया गया।

पूरे अभियान के दौरान जिलाधिकारी, एडीएम गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, एसडीएम सदर कल्याण सिंह मौर्य, सीओ सदर विश्वजीत सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते रहे। प्रशासन और सेना के समन्वय से यह कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

एक किशोर की हो चुकी है मृत्यु
इस घटना में एक किशोर सिद्धार्थ की मृत्यु हो चुकी है। वहीं दो किशोर शनि और गोलू का उपचार माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में चल रहा है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।