पतरातू पावर प्लांट की दूसरी इकाई से बिजली उत्पादन शुरू, झारखंड को बड़ी ऊर्जा राहत
Power generation begins from the second unit of Patratu Power Plant,
पतरातू वैली (रामगढ़)। झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पतरातू में निर्माणाधीन पीवीयूएनएल (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) पावर प्लांट की दूसरी इकाई से बीते सोमवार की शाम 7:15 बजे सफलतापूर्वक बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया गया है।
इस सफल शुरुआत के साथ ही इकाई-2 के नियमित संचालन और कमर्शियल आपरेशन डिक्लेरेशन (COD) का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। इस उपलब्धि से न केवल झारखंड, बल्कि अन्य लाभार्थी राज्यों को भी भीषण गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई बिजली की मांग को पूरा करने में बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
झारखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पीवीयूएनएल प्लांट से उत्पादित होने वाली कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा अकेले झारखंड को प्राप्त होगा। प्लांट की दोनों इकाइयों की कुल स्थापित क्षमता 1600 मेगावाट (800×2) है, जिसमें से 1360 मेगावाट बिजली सीधे झारखंड के खाते में जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बिजली मिलने से राज्य में बिजली संकट दूर होगा। साथ ही, यह विद्युत आपूर्ति राज्य के औद्योगिकीकरण को गति देने, नए उद्योगों को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों और तकनीकी टीम ने मनाया जश्न
इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए प्लांट परिसर में बिजली उत्पादन शुरू होने के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। मौके पर पीवीयूएनएल के सीईओ एके सहगल, सीजीएम (प्रोजेक्ट) अनुपम मुखर्जी के साथ-साथ मनीष खेत्रपाल, जोगेश चंद्र पात्र, बिष्णु दत्ता दास और ओपी सोलंकी सहित PVUNL, NTPC और BHEL (भेल) के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस सफलता की बधाई दी।
सीईओ ने टीम के समर्पण को सराहा
इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सीईओ एके सहगल ने सभी कर्मचारियों, अभियंताओं (इंजीनियर्स) और सहयोगी कंपनियों को बधाई दी। उन्होंने कहा-
"यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की कड़ी मेहनत, अटूट समर्पण और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। दिन-रात के कड़े परिश्रम के बाद हमने इस मील के पत्थर को छुआ है।"
सीईओ ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष 5 नवंबर को प्लांट की पहली इकाई (यूनिट-1) के वाणिज्यिक परिचालन (Commercial Operation) की घोषणा की गई थी।
अब पहली इकाई की सफलता के बाद, दूसरी इकाई भी वाणिज्यिक परिचालन की घोषणा की दिशा में पूर्ण रूप से तैयार है, जो देश के ऊर्जा मानचित्र पर एक बड़ी उपलब्धि है।