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PGI and administration face to face on oxygen supply

ऑक्सीजन सप्लाई पर पीजीआई और प्रसाशन आमने सामने

PGI and administration face to face on oxygen supply : ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर पीजीआई और चंडीगढ़ प्रसाशन एक मर्तबा फिर आमने सामने हो गए हैं। पीजीआई का आरोप है कि चंडीगढ़ प्रसाशन के अधिकारियों ने एनेस्थेटिक गैसेस प्राइवेट लिमिटेड डेराबस्सी को पीजीआई को एमओ 2 बी टाइप सिलेंडर देने से स्पष्ट तौर पर इनकार कर दिया है। कंपनी की और से कहा गया है कि पीजीआई को बी टाइप मेडिकल ऑक्सीजन के सिलेंडर अगले आदेश तक ना दिए जाएं। कंपनी की और से कहा गया है कि प्रसाशन की और से ऑक्सिजन सप्लाई को लेकर जो अधिकारी नियुक्त किये गए हैं, वही यह निर्देश दे रहे हैं। इसमें नियुक्त नोडल अफसर और सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग, डायरेक्टर इंडस्ट्रीज जगजीत सिंह, नोडल अफसर मंजीत सिंह शामिल हैं। पीजीआई की और से देर शाम प्रेस नोट जारी कर इस पर आपत्ति जताई गई है और कहा गया है कि पीजीआई पर जिस तरह मरीजों का लोड है उसमें ऑक्सिजन की सख्त जरूरत है। ऐसे निर्देशों से मरीजों की जान पर बन सकती है। इससे अफरातफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। पीजीआई की और से कहा गया कि मसले पर हायर अथॉरिटी को सूचित किया गया है। यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब पीजीआई और चंडीगढ़ प्रसाशन आमने सामने हुए हों। पहले भी कोविड टेस्टों को लेकर तल्खी हो चुकी है। पीजीआई में बेड की संख्या एक हज़ार तक करने को लेकर भी दोनों प्रसाशन आमने सामने हैं।

PGI and administration face to face on oxygen supply: एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा है कि चंडीगढ़ को केंद्र की तरफ से ऑक्सीजन का 40 मीट्रिक टन कोटा मिला है। पीजीआई को इसमें से पहले ही 20 मीट्रिक टन दिया जा रहा है। उहोंने कहा है कि पीजीआई के नाम पर अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की ऑक्सीजन नहीं रोक सकते। वहां भी गंभीर कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। पीजीआई को केंद्र सरकार से अपना 20 एमटी का कोटा 40 एमटी तक बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए।

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