पंचकूला में वोटों की गिनती से पहले सियासी बवाल; आरोप- जहां EVM मशीनें रखीं, उस स्ट्रांग रूम के CCTV कैमरे बंद किए गए
Panchkula Chunav Voting Result 2026 Congress vs BJP
Panchkula Nagar Nigam Chunav: पंचकूला नगर निगम चुनाव की वोटिंग एक दिन पहले संपन्न हो चुकी है। लेकिन वोटिंग के अगले दिन ही एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। यह बवाल EVM मशीनों की सुरक्षा से छेड़छाड़ और गड़बड़ी किए जाने के आरोप को लेकर मचा है। दरअसल सेक्टर-14 स्थित स्टेट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम के CCTV कैमरे करीब ढेढ घंटे तक बंद मिलने की जानकारी सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी मिलते ही कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी नेता तुरंत मौके पर जुटने लगे। वहीं जायजा लेने के लिए पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे। इस बीच कांग्रेस मेयर उम्मीदवार सुधा भारद्वाज ने जानबूझकर सीसीटीवी कैमरों के बंद किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह दावा किया कि स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद किए गए हैं और यह गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बताया है कि यह तकनीकी समस्या है, जो एक डेढ़ घंटे में ठीक हो जाएगी। लेकिन CCTV कैमरों के बंद होने का मतलब है की नियत साफ नहीं है और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब किया जा रहा है।
रात में CCTV चल रहे थे, सुबह अचानक क्या हुआ?
सुधा भारद्वाज ने बताया कि रविवार और सोमवार की देर रात करीब डेढ़ बजे तक स्ट्रांग रूम में एवीएम मशीनों को रखा गया था। वह भी तब वहीं मौजूद रहीं। तब सीसीटीवी कैमरे चल रहे थे। उन्हें बताया गया था कि स्ट्रांग रूम में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज आसपास लगवाए गए एलईडी पर देखी जा सकती है। उन्होंने खुद इसे सुनिश्चित भी किया। रात को सभी के हस्ताक्षर भी करवाए थे। लेकिन सुबह होने पर स्ट्रांग रूम के कैमरे बन्द थे। उन्होंने आरोन लगाया कि यह गड़बड़ी की ओर इशारा करता है, जिसकी प्रशासन को जांच करनी चाहिए और इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
इधर मामला बढ़ता देख इलेक्शन ऑब्जर्वर और प्रशासनिक अधिकारी भी स्ट्रांग रूम स्थल पर पहुंचे और नेताओं को समझाने का प्रयास किया गया। फिलहाल प्रशासन की ओर से कैमरों को बंद होने के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जबकि विपक्षी प्रत्याशी लगातार ईवीएम सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने स्ट्रांग रूम के कैमरों के अचानक खराब होने के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई है.
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक कैमरे बंद रहना बेहद गंभीर मामला है और इससे ईवीएम सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा होता है। फिलहाल विपक्ष के नेता CCTV कैमरे बंद होने को लेकर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता व चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कैमरा बंद होने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि 13 मई को मतगणना होनी है और इस वक्त स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर सवाल लगना प्रशासन की घोर लापरवाही है। उधर, उपायुक्त सहित कई अफसर डीसी ऑफिस में इस मामले पर विचार कर रहे है और अधिकारियों की तरफ से सीसीटीवी कैमरों के खराब होने की पुष्टि नहीं की गई।
इनेलो मेयर उम्मीदवार ने चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी
इधर इनेलो मेयर उम्मीदवार मनोज अग्रवाल ने हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त को इस मामले में चिट्ठी भी लिखी है और शिकायत करते हुए BJP को फायदा पहुँचाने के लिए स्ट्रांग रूम में CCTV कैमरों की जान-बूझकर की गई खराबी की बात कही है। अग्रवाल ने राज्य चुनाव आयुक्त से शिकायत करते हुए कहा है कि स्ट्रांग रूम में लगे CCTV कैमरों को कथित तौर पर एक महत्वपूर्ण अवधि के दौरान जान-बूझकर और सोची-समझी रणनीति के तहत खराब रखा गया था।
अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की हरकत चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेह पैदा करती है। उचित CCTV निगरानी के अभाव से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और आम जनता के मन में यह संदेह पैदा होता है कि BJP उम्मीदवार को अनुचित लाभ पहुँचाया गया हो सकता है। चुनाव आयोग को संवैधानिक रूप से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का दायित्व सौंपा गया है। स्ट्रांग रूम में निगरानी व्यवस्था में जान-बूझकर की गई कोई भी बाधा एक गंभीर चिंता का विषय है और यह लोकतंत्र में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है।
मनोज अग्रवाल की चुनाव आयोग से ये मांगे
मनोज अग्रवाल ने चुनाव आयोग के सामने कुछ मांगे भी रखी हैं। अग्रवाल ने मांग की कि CCTV कैमरों की खराबी के मामले में तत्काल उच्च-स्तरीय जाँच का आदेश दिया जाए। इसके अलावा जिन अधिकारियों/कर्मचारियों को इस मामले में लापरवाह या संलिप्त पाया जाए, उनकी जवाबदेही तय की जाए। साथ ही सभी तकनीकी रिकॉर्ड, कंट्रोल रूम लॉग और उपलब्ध फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और उनकी जाँच की जाए। इसके अलावा उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम की निरंतर और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यदि किसी भी प्रकार की धांधली साबित होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।