मतांतरण पर आत्ममंथन की जरूरत : योगी आदित्यनाथ
Need for introspection on conversion
गोरखपुर। Need for introspection on conversion, योगी आदित्यनाथ का कहना है कि मतांतरण की समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है और इसके लिए समाज को आत्ममंथन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो व्यक्ति मतांतरण का निर्णय ले रहा है, वह किसी न किसी कारण से हमसे दुखी है। यदि उस दुख को दूर कर दिया जाए तो मतांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर निरंतर संवाद बनाए रखना होगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को एनेक्सी सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित गोरक्ष प्रांत की समन्वय बैठक में संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए सामाजिक विषयों पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से परीक्षाओं में फिर से लिखित व्यवस्था लागू किए जाने और ओएमआर प्रणाली को समाप्त किए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश अब एआइ युग में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में पीछे लौटना उचित नहीं होगा। आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है।
घोषणा के बाद भी उच्च शिक्षा तक कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू न होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग अपना प्रस्ताव दे चुका है और उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव भी तैयार हो रहा है। शीघ्र ही उसे स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या पर उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष सेल इस दिशा में सक्रिय है और मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह ‘अभ्युदय कोचिंग’ से अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ें, सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर गोशालाएं संचालित करें और संगठन के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि केवल सरकार पर निर्भर रहने की बजाय सामाजिक दायित्वों को स्वयं आगे बढ़कर निभाना होगा।
सरकार समाजहित के हर कदम पर उनके साथ है। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, क्षेत्रीय महामंत्री सुनील गुप्ता के अलावा विश्व हिंदू परिषद, विद्या भारती, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, हिंदू जागरण मंच, नेशनल मेडिको आर्गनाइजेशन समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।