मिशन शक्ति से स्वावलंबन: 'MYUVA' योजना ने बदला उत्तर प्रदेश के युवाओं का भाग्य

मिशन शक्ति से स्वावलंबन: 'MYUVA' योजना ने बदला उत्तर प्रदेश के युवाओं का भाग्य

MYUVA scheme changed the fate of the youth

MYUVA' scheme changed the fate of the youth

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए स्वरोजगार अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक ठोस हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (MYUVA) प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत बिना किसी बैंक गारंटी और पूरी तरह ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा है, जिसने युवाओं के मन से वित्तीय जोखिम का डर निकाल दिया है। अब प्रदेश का युवा केवल रोजगार की तलाश में भटकने के बजाय, खुद का स्टार्टअप शुरू कर दूसरों को काम देने वाला 'जॉब गिवर' बन रहा है।

तूबा के 'सॉइल कॉन्सेप्ट' को मिला सरकारी संबल

लखनऊ की बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा की सफलता इस बदलाव का जीवंत उदाहरण है। तूबा ने पर्यावरण के अनुकूल और रसायन मुक्त प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद तैयार करने के लिए ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड की नींव रखी। शुरुआती दौर में मशीनरी और कच्चे माल के लिए उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुख्यमंत्री युवा योजना उनके लिए वरदान साबित हुई। महज 15 दिनों के भीतर उन्हें 5 लाख का ब्याज मुक्त ऋण मिला, जिससे उन्होंने हर्बल शैम्पू, सीरम और लोशन जैसे उत्पादों का उत्पादन शुरू किया। आज उनके उत्पाद 50 से अधिक आउटलेट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें शानदार आय हो रही है।

 

स्वरोजगार से दूसरों को दिया रोजगार

तूबा ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने उद्यम के माध्यम से 4 महिलाओं सहित कुल 7 लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है। 5 लाख के ऋण से शुरू हुआ यह सफर अब बड़े-बड़े ऑर्डर्स तक पहुँच चुका है। तूबा की तरह प्रदेश की अन्य युवा महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने व्यावसायिक सपनों को सच कर रही हैं। इस पहल ने न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं।

हर साल 1 लाख युवा उद्यमी बनाने का लक्ष्य

योगी सरकार ने इस योजना के माध्यम से प्रदेश में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके तहत हर साल 1 लाख युवाओं को उद्यमी बनाया जाएगा। 21 से 40 वर्ष के इच्छुक युवा सूक्ष्म उद्योगों के लिए पहले चरण में 5 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। जो उद्यमी पहले चरण का ऋण समय पर चुकाते हैं, वे दूसरे चरण में 10 लाख तक की परियोजना के लिए पात्र होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए युवा आधिकारिक एमएसएमई (MSME) पोर्टल या जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क कर डिजिटल माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।