नगरपालिका भर्ती घोटाला: टीएमसी नेता सुजीत बोस गिरफ्तार, ईडी की जांच में हुए बड़े खुलासे
Municipal Recruitment Scam: TMC Leader Sujit Bose Arrested
TMC Leader Sujit Bose Arrested: पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस (Sujit Bose ED Case) का नाम भी सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगरपालिकाओं में हुई अनियमित भर्ती के मामले में उनसे लंबी पूछताछ की है। बाद में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया। सुजीत बोस पश्चिम बंगाल सरकार में फायर सर्विसेज मंत्री रह चुके हैं। वे विधाननगर सीट से टीएमसी के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं।
कई लोगों से पैसे लेकर भर्ती कराने का काम-ED
ईडी का आरोप है कि दक्षिण दमदम नगरपालिका समेत कुछ नगरपालिकाओं में नियमों का पालन किए बिना नौकरियां दी गईं। जांच एजेंसी के मुताबिक, कई लोगों से पैसे लेकर भर्ती कराने का काम किया गया और इस प्रक्रिया में सैकड़ों पदों पर गड़बड़ी हुई। इस मामले की जांच के दौरान ईडी ने सुजीत बोस के घर, दफ्तर और उनके बेटे समुद्र बोस के रेस्तरां सहित कई जगहों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी को वहां से कुछ नकद रकम और कई जरूरी दस्तावेज मिले। ईडी को शक है कि घोटाले से जुड़े लेन-देन में उनके करीबियों या उनसे जुड़ी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश बाद ईडी दफ्तर पहुंचे थे सुजीत बोस
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुजीत बोस 1 मई 2026 को ईडी दफ्तर पहुंचे थे। उनके साथ उनका बेटा और वकील भी मौजूद थे। अधिकारियों ने उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद बोस ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार करना गलत नहीं है, लेकिन चोरी करना अपराध है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में सामने आए दूसरे भर्ती घोटालों से जुड़ा हुआ है।
इससे पहले स्कूल भर्ती घोटाले में भी कई नेता और अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि नगरपालिकाओं में भी पैसे लेकर नौकरी देने का खेल चला, जिससे कई योग्य उम्मीदवारों का हक छिन गया। फिलहाल ईडी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ हो सकती है। यह मामला अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।