गोरखपुर में आधुनिक वायु प्रदूषण मापक यंत्र स्थापित

गोरखपुर में आधुनिक वायु प्रदूषण मापक यंत्र स्थापित

Modern air pollution measuring device installed

Modern air pollution measuring device installed

गोरखपुर। वायु गुणवत्ता की जांच के लिए आधुनिक वायु प्रदूषण मापक यंत्र स्थापित किया जाएगा। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की ओर से एमएमयूटी परिसर में नया यंत्र स्थापित किया जाएगा। इसमें स्मार्ट सेंसर (स्मार्ट सेंसर), रेडिएशन मानिटरिंग सिस्टम (विकिरण निगरानी प्रणाली) और एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) की जांच की सुविधा होगी।

इससे हानिकारक कणों का समय रहते सटीक आकलन संभव हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि नई मशीन पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 माइक्रोन या उससे सूक्ष्म कणों की भी जांच कर सकेगी।

शहर में वायु गुणवत्ता की जांच के लिए तीन स्थानों एमएमयूटी, गोलघर और गीडा में यंत्र लगे हैं। एमएमयूटी में स्थापित यंत्र लगभग दस वर्ष पुराना हो चुका है। इसलिए यहां नया यंत्र लगाया जाएगा। इससे हवा में मौजूद पीएम 2.5 माइक्रोन या उससे छोटे कणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अभी तक इतने सूक्ष्म कणों की जांच नहीं हो पा रही थी।

नगर निगम की देखरेख में यह यंत्र मार्च तक स्थापित करने की तैयारी है। प्रारंभिक चरण में लगभग दो किलोमीटर के दायरे में सटीक आंकड़ें (डेटा) प्राप्त होंगे। बाद में इसकी कार्यक्षमता का विस्तार किया जाएगा। यह यंत्र सेंसर (संवेदक) और डेटा प्रोसेसिंग तकनीक (आंकड़ा संसाधन तकनीक) पर आधारित होगा।

इससे हवा का नमूना लेकर लेजर स्कैटरिंग (प्रकाश प्रकीर्णन) के माध्यम से उसे डिजिटल डेटा (अंकीय आंकड़ा) में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए एल्गोरिदम (कलन विधि) का उपयोग कर आर्द्रता और तापमान के प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी आशुतोष चौहान ने बताया कि नई मशीन के लगने से शहर में वायु गुणवत्ता की रियल टाइम (तत्काल समय) जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।