बरनाला नगर निगम में पहली बार मेयर चुनाव आज, हसनप्रीत भारद्वाज का पद पर चयन लगभग तय
Mayoral election for the Barnala Municipal Corporation
बरनाला। Mayoral election for the Barnala Municipal Corporation, नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद बरनाला आज अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का गवाह बनने जा रहा है। पहली बार शहर को अपना निर्वाचित मेयर मिलने वाला है। इस संबंध में नव-निर्वाचित पार्षदों की बैठक बुधवार को नगर निगम के पुस्तकालय सभागार में बुलाई गई है, जहां मेयर पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नगर निगम में सत्ताधारी दल के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण मेयर पद के लिए हसनप्रीत भारद्वाज का चुनाव लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर हो रही है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल इन दोनों पदों के लिए चुनाव टाले जाने की संभावना बनी हुई है।
कई पार्षदों ने जताई दावेदारी
बताया जा रहा है कि इन पदों के लिए कई पार्षद दावेदारी जता रहे हैं। ऐसे में यदि एक साथ चुनाव कराए जाते हैं तो पार्टी के भीतर असंतोष या गुटबाजी की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी कारण नेतृत्व फिलहाल केवल मेयर पद का चुनाव कराकर बाकी दोनों पदों पर फैसला बाद में लेने की रणनीति पर काम कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके पीछे आगामी विधानसभा चुनाव भी एक महत्वपूर्ण कारण हैं। सत्ताधारी दल नहीं चाहता कि संगठन के भीतर किसी प्रकार का विवाद या नाराजगी सामने आए। इसलिए सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए जा रहे हैं।
आप के हैं 36 पार्षद
गौरतलब है कि बरनाला पहले नगर परिषद के रूप में कार्य करता था। हाल ही में इसे नगर निगम का दर्जा मिला है, जिसके बाद पहली बार 50 वार्डों वाले नगर निगम का गठन हुआ है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर नजर डालें तो सत्ताधारी दल के पास 36 पार्षद हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के सात, निर्दलीय पांच और कांग्रेस के दो पार्षद हैं। ऐसे में मेयर पद पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार की जीत को लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं है।
पटवारी का पद छोड़ राजनीति में आए असनप्रीत
मेयर पद के संभावित उम्मीदवार हसनप्रीत भारद्वाज लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े रहे हैं। वह सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के विशेष कार्य अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए वह माल विभाग में पटवारी के पद पर तैनात थे। वर्ष 2022 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा देकर सक्रिय रूप से राजनीतिक जिम्मेदारियां संभालीं।
हाल ही में वार्ड नंबर 44 से पार्षद चुने गए हसनप्रीत भारद्वाज को संगठन का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। ऐसे में उनका मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर नेतृत्व क्या फैसला करता है और नगर निगम की नई टीम कब पूरी तरह आकार लेती है।