मथुरा नाव हादसा अपडेट: मरने वालों की संख्या 11 हुई; लापता 7 लोगों की तलाश में 20 मोटरबोट और NDRF तैनात

मथुरा नाव हादसा अपडेट: मरने वालों की संख्या 11 हुई; लापता 7 लोगों की तलाश में 20 मोटरबोट और NDRF तैनात

Mathura Boat Accident Update

Mathura Boat Accident Update

मथुरा। Mathura Boat Accident Update, यमुना में शुक्रवार को पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलटी मोटरबोट में सवार सात श्रद्धालुओं का अभी तक पता नहीं चल पाया है। रात एक बजे तक बचाव कार्य करने के बाद सुबह साढ़े पांच बजे से फिर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोर 20 मोटरबोट के साथ यमुना में उतर गए।

करीब दस किलो मीटर के दायरे में लापता लोगों की खोज की जा रही है, लेकिन अब तक कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन की सूची में अभी चार से पांच लोग लापता हैं, लेकिन ऐसे लापता श्रद्धालु भी पहुंचे हैं, जिनके परिवार के सदस्य नाव में सवार थे और गायब हैं। ऐसे में अब लापता श्रद्धालुओं की संख्या सात मानी जा रही है।

madik family

माणिक टंडन के स्वजन, जिन्होंने की शव की पहचान।

एक और शव हुआ बरामद

अभियान के दौरान यमुना में शुक्रवार को डूबे पंजाब के श्रद्धालुओं में एक और माणिक टंडन का शव शनिवार सुबह मिल गया है। अब तक 11 शव बरामद किए गए हैं।

mathura yamuna re (1)

नाव हादसे के बाद अभियान चलाते गोताखाेर।

20 मोटरबोट के साथ फिर यमुना में उतरे गोताखोर

शुक्रवार को दोपहर पंजाब के लुधियाना के श्रद्धालुओं का जत्था वृंदावन के केशीघाट से यमुना के पार देवराहा बाबा की समाधि स्थल पर दर्शन के लिए जा रहा था। यमुना पर खोले गए पैंटून पुल को जोड़ने के दौरान तेज बहाव में पुल का पीपा मोटरबोट से टकरा गया और बोट पलट गई। उसमें सवार 37 से अधिक श्रद्धालु यमुना में डूब गए। आसपास मौजूद गोताखोरों में 22 लोगों को बचा लिया।

छह से सात श्रद्धालु लापता, मिलने की उम्मीद में यमुना के किनारे बैठे हैं स्वजन

दस श्रद्धालुओं के शव बाहर निकाले, गायब सात श्रद्धालुओं का अब तक पता नहीं चल पाया है। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और एडीएम वित्त डॉक्टर पंकज वर्मा की अगुवाई में टीमें यमुना नदी में लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर रही हैं।

एंबुलेंस से पंजाब भेजे 10 मृतकों के शव

उधर, जिन दस श्रद्धालुओं की हादसे में मृत्यु हुई है, उनके शव देर रात पोस्टमार्टम के बाद पंजाब के लिए रवाना कर दिए गए। लुधियाना निवासी श्रद्धालुओं के शव सुबह दस बजे उनके घर पहुंच गए, जबकि जगराओं निवासी श्रद्धालुओं के शव दोपहर में पहुचेंगे। पूरे मामले की जांच डीएम सीपी सिंह ने एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी है।