Martyr's Memorial: विभाजन त्रासदी में शहीद लोगों की स्मृति में कुरुक्षेत्र में बनेगा शहीदी स्मारक
Martyr's Memorial

Martyr's Memorial: विभाजन त्रासदी में शहीद लोगों की स्मृति में कुरुक्षेत्र में बनेगा शहीदी स्मारक

Martyr's Memorial: विभाजन त्रासदी में शहीद लोगों की स्मृति में कुरुक्षेत्र में बनेगा शहीदी स्मारक

मुख्यमंत्री का एलानः स्मारक के निर्माण में सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी

कुरुक्षेत्र में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

देश के विभाजन के बाद हुए रक्तपात में मारे गए लोगों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

हरियाणा की भूमि ने बंटवारे के दर्द को कुछ अधिक ही सहन किया: मनोहर लाल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे: मुख्यमंत्री

चंडीगढ़। Martyr's Memorial: कुरुक्षेत्र में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस(partition horror memorial day) पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि विभाजन के समय शहीद हुए लाखों लोगों की स्मृति में कुरुक्षेत्र जिले में पीपली के पास लगभग 25 एकड़ में पंचनद स्मारक ट्रस्ट द्वारा शहीद स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने ट्रस्ट से स्मारक का निर्माण का कार्य जल्दी शुरू करने का आह्वान किया। यह स्मारक पंचनद ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाएगा। श्री मनोहर लाल ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस स्मारक की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान(national recognition) बने जिसके लिए समाज के हर सदस्य को इसमें अपना योगदान करना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करें व इस कार्य में योगदान के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी अपनी और सरकार की तरफ से इस स्मारक के निर्माण में योगदान करेंगे। 

रक्तपात में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश के विभाजन के बाद हुए रक्तपात में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त(express tribute) करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में युगांतकारी परिवर्तन लाने वाला दिन है। वर्ष 1947 में आज के दिन भारत की आजादी की प्रक्रिया चल रही थी तो दूसरी तरफ भारत माता की छाती पर लकीर खींच कर देश का विभाजन भी किया गया था। देश का विभाजन ऐसी त्रासदी है जिस पर आजादी के बाद का साहित्य भरा पड़ा है। मुख्यमंत्री ने विभाजन के समय को याद करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने गर्दन कटाना सही समझा लेकिन धर्म बदलना नहीं। उन्होंने कहा कि अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को उस वक्त की कहानियां सुनाएं और आने वाली पीढ़ियों को पाने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी हो। 

एक करोड़ 20 लाख लोगों का विस्थापन हुआ था

उन्होंने कहा कि उस वक्त में करीब एक करोड़ 20 लाख लोगों का विस्थापन हुआ था और लाखों लोग मारे गए थे। हमारे पूर्वजों ने जान से ज्यादा संस्कृति और देश से प्यार को दर्शाते हुए अपना बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि जब वे लोग वहां से आए तो रोटी के लाले थे, सिर पर छत नहीं थी, पहनने को कपड़े नहीं थे लेकिन उन्होंने फिर भी हाथ नहीं फैलाया बल्कि मेहनत कर हमारे समाज के लोग अपने पांव पर खड़े हुए और अपने पुरुषार्थ से पुरुषार्थी बने शरणार्थी नहीं(Refugees do not become men by effort)। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उपजाऊ भूमि पर मेहनत करने वालों को भी उस पर कुछ अधिकार मिले इस पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि अगर हमें देश को आगे बढ़ाना है तो हमारे समाज, संस्कृति, बोली भाषा को याद रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के बंटवारे को 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी कहा है। उन्होंने ही गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ करते हुए 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने की घोषणा की थी।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की इस भूमि ने बंटवारे के दर्द को कुछ अधिक ही सहन किया है। यहां पाकिस्तान से उजड़ कर आने वाले लाखों परिवार इस बात का प्रमाण हैं। वे स्वयं उन्ही परिवारों के बीच पले-बढ़े हैं और उस दर्द को भली भांति जानता हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आजादी का जश्न मनाते हुए एक कृतज्ञ राष्ट्र, मातृभूमि के उन बेटे-बेटियों को भी नमन करता हैं, जिन्हें हिंसा के उन्माद में अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। यह दिवस हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी। साथ ही वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेले गए दर्द और पीड़ा की याद दिलाएगा।

सबका साथ-सबका विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए सबका साथ-सबका विकास(Sabka Sath Sabka Vikas) के विजन के साथ अनेक पहल की हैं। उन्होंने एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना के द्वारा देश के एक कोने में बैठे लोगों को दूसरे कोने के लोगों से मिलने और उन्हें जानने का अवसर प्रदान किया है। इससे देश के सब लोग भारत को जानकर उससे अपना लगाव महसूस करेंगे। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित होकर हमने हरियाणा में 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' का नारा दिया है। इसी भाव से हमने प्रदेश के सब क्षेत्रों में समान विकास और सब वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम किया है। 

इस अवसर पर रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और मॉल जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर ‘विभाजन की भयावहता’ पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। वहीं कार्यक्रम स्थल पर बंटवारे के समय शहीद हुए लगभग 1200 लोगों पर बनी लघु फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम में सांसद श्री नायब सैनी, करनाल से सांसद श्री संजय भाटिया, अंबाला से सांसद श्री रतनलाल कटारिया, रोहतक से सांसद श्री अरविंद शर्मा, विधायक श्री सुभाष सुधा, स्वामी धर्मदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद तथा प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।