सोशल मीडिया पर नफ़रत भरे कमेंट करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई

सोशल मीडिया पर नफ़रत भरे कमेंट करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई

Who post hateful comments on social media

Who post hateful comments on social media

*हम पॉज़िटिव आलोचना का स्वागत करते हैं...

*महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र पोस्ट पर नज़र रखी जानी चाहिए

*दूसरे राज्यों और देशों में लागू कानूनों पर स्टडी

*सोशल मीडिया पर ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स की मीटिंग में मंत्री नारा लोकेश

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
अमरावती  : : (आंध्र प्रदेश)
राज्य के शिक्षा, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने साफ़ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर साज़िश करने वाले नफ़रत भरे पोस्ट करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री लोकेश ने सोशल मीडिया अकाउंटेबिलिटी और नागरिक सुरक्षा को मज़बूत करने के मुद्दे पर राज्य सचिवालय में हुई ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स की मीटिंग में हिस्सा लिया। इस मौके पर IT एक्ट 2000 – सेफ़ हार्बर, ब्लॉकिंग पावर्स, IT रूल्स 2021 – कम्प्लायंस और ट्रेसेबिलिटी, DPDP एक्ट- 2023 डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क, ज्यूडिशियल सेफ़गार्ड्स – फ्रेश स्पीच और प्राइवेसी पर चर्चा की गई। मंत्री लोकेश ने कहा... हम सरकार के फ़ैसलों की पॉज़िटिव आलोचना का स्वागत करते हैं, हम जानबूझकर नफ़रत भरे कमेंट्स बर्दाश्त नहीं करेंगे। AI-बेस्ड डीप फेक अश्लील कंटेंट पर रोक लगनी चाहिए, और सोशल मीडिया पर एक तय उम्र के आधार पर इजाज़त देने के नियम बनने चाहिए। हमें उन लोगों पर नज़र रखनी चाहिए जो महिलाओं के खिलाफ़ बेइज्ज़ती करने वाले और अश्लील पोस्ट करते हैं। हमारा मकसद लोगों के हित में रुकावट डालना नहीं है, लेकिन साथ ही, बोलने की आज़ादी के नाम पर ऑर्गनाइज़्ड तरीके से गलत पोस्ट किए जा रहे हैं। हम इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार विपक्षी पार्टियों को धरना चौक जैसी जगहों पर विरोध करने का मौका देती है। पहले भी, ज्यूडिशियरी समेत कुछ लोगों को टारगेट करके अश्लील पोस्ट किए गए थे। हम विदेश में रहकर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर खास नज़र रखेंगे। इसके लिए एक मज़बूत कानूनी ढांचा बनाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने जानबूझकर झूठी पोस्ट पर रोक लगाने के लिए सहयोग इंटीग्रेशन पोर्टल शुरू किया है। अगर किसी पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ़ कोई पोस्ट किया जाता है, तो हम अपनी पार्टी के सदस्य को भी जेल भेज देंगे। हम उन लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई करेंगे जो बदनाम करने वाले, पर्सनल कमेंट, खासकर महिलाओं के खिलाफ़ अश्लील पोस्ट करते हैं। सोशल मीडिया पर कंटेंट कुछ ही सेकंड में फैल रहा है। नतीजतन, इसका तुरंत असर होता है। विवाद तेजी से आम लोगों तक पहुंच रहा है। हमें उन लोगों पर नजर रखनी चाहिए जो जानबूझकर विवादास्पद टिप्पणियां करते हैं। हमें दूसरे राज्यों और दूसरे देशों में लागू कानूनों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, ईयू और यूके में स्वतंत्र नियम लागू किए जा रहे हैं और भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।

गृह मंत्री वंगलपुडी अनिता ने कहा... सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में मामला दर्ज करने और आरोप पत्र पेश करने में समय लग रहा है। साइबर अपराध क्षमता बनाने की जरूरत है। एक महीने के भीतर आरोप पत्र तैयार करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। ऐसे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और कानूनी विशेषज्ञों की राय पर विचार करके एक कानूनी ढांचा स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय समन्वय प्रकोष्ठ स्थापित किए जा रहे हैं। इस मीटिंग में रविकृष्णा (IG, ईगल, इंचार्ज, साइबर क्राइम), कुमार, सीएच वेंकटेश्वरलू (डिप्टी सेक्रेटरी, लॉ डिपार्टमेंट), पी. किरण कुमार (जॉइंट डायरेक्टर, I&PR), पी. जयाराव, चीफ जनरल मैनेजर (सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया, डिजिटल कॉर्पोरेशन), ओ. मधुसूदना (चीफ इन्फॉर्मेशन इंजीनियर, I&PR), प्रॉसिक्यूशन डायरेक्टर रामकोटेश्वर राव और अन्य लोग शामिल हुए।