दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक में विभागों को भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
In the review meeting on matters related to the disabled, the departments were
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग (ईसोमसा) द्वारा आज दिव्यांगजनों (PWDs) से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दृष्टिबाधित संघ द्वारा उठाई गई मांगों सहित रोस्टर, बैकलॉग रिक्तियों और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के निदेशक सुमित खीमटा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रोस्टर और बैकलॉग पदों को शीघ्र भरना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी तक केवल पशुपालन विभाग तथा मुद्रण एवं लेखा विभाग ने ही बैकलॉग भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी किए हैं, जबकि अन्य विभागों को भी इस दिशा में तेजी लाने की आवश्यकता है।
शिक्षा विभाग में 119 जेबीटी पद भरे
निदेशक ने जानकारी दी कि स्कूल शिक्षा विभाग ने दिव्यांगजनों हेतु आरक्षित जेबीटी पदों के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। कुल 119 जेबीटी पद भरे गए हैं, जिनमें
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50 दृष्टिबाधित
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49 ऑर्थोपेडिक रूप से अक्षम
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11 श्रवणबाधित
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8 बहु-दिव्यांगता वाले
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1 बौद्धिक रूप से अक्षम अभ्यर्थी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग द्वारा 94 टीजीटी पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित किए गए हैं।
हिम बस कार्ड और निःशुल्क यात्रा का मुद्दा
बैठक में एचआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए अनिवार्य हिम बस कार्ड को लेकर भी चर्चा हुई। निदेशक ने बताया कि दिव्यांगजनों को कार्ड बनवाने में सुविधा देने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, दृष्टिबाधित संघ ने मांग की कि निःशुल्क यात्रा के लिए हिम बस कार्ड को अनिवार्य न किया जाए। संघ ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की जानकारी भी दी।
पेंशन, आवास और सेवानिवृत्ति आयु पर चर्चा
बैठक में दिव्यांगजनों के लिए
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विकलांगता राहत भत्ता (DRA) बढ़ाने,
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स्वतंत्र राज्य आयुक्त की नियुक्ति,
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सहारा पेंशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन,
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मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दृष्टिबाधितों को बिना शर्त आवास,
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तथा दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
निदेशक सुमित खीमटा ने स्पष्ट किया कि डीआरए में वृद्धि और सेवानिवृत्ति आयु से जुड़े विषय नीतिगत निर्णय हैं, जिन पर अंतिम फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा।
सहारा पेंशन में देरी पर चिंता
दृष्टिबाधित संघ ने बताया कि सहारा पेंशन योजना का लाभ पिछले छह माह से नहीं मिला, जिस पर संबंधित मामला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भेज दिया गया है।
दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष शोभू राम ने बैठक आयोजित करने और दिव्यांगजनों के लिए पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विभाग का आभार जताया तथा भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
बैठक में प्रभा राजीव, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, दिव्यांगजन संघ के पी.डी. भारद्वाज तथा दृष्टिबाधित संघ के शिशुपाल मेहता और निखिल मेहता भी उपस्थित रहे