शिमला में MES अधिकारी रिश्वत मामले में बड़ा खुलासा, CBI रिमांड पर भेजे गए केके सोनी
Major revelation in Shimla MES officer bribery case
शिमला। Major revelation in Shimla MES officer bribery case, हिमाचल प्रदेश में जिला कुल्लू के मनाली स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में तैनात सहायक गैरीसन इंजीनियर केके सोनी को अदालत ने सात जुलाई तक सीबीआइ रिमांड पर भेजा है। रिश्वत मामले में गिरफ्तार केके सोनी को रविवार को सीबीआइ ने शिमला की सक्षम अदालत में पेश किया। अब जांच एजेंसी आरोपित से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। सरकारी आवास से बरामद करीब 10 लाख रुपये नकद के स्रोत की भी जांच की जाएगी।
बिल पास करवाने के लिए मांगी थी रिश्वत
सीबीआइ के अनुसार, आरोपित ने एक ठेकेदार फर्म के बिल को पास करवाने की एवज में 93 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में ठेकेदार फर्म में कार्यरत एक सुपरवाइजर ने सीबीआइ से शिकायत की थी। एजेंसी ने तीन जुलाई को मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जाल बिछाकर दबोचा आरोपित
शिकायतकर्ता ने तीन जुलाई को आरोपित के कार्यालय में 40 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद आरोपित ने शेष 53 हजार रुपये अगले दिन लाने को कहा। चार जुलाई को शिकायतकर्ता आरोपित के कार्यालय पहुंचा। वहां आरोपित ने शेष 53 हजार रुपये की मांग की और रकम स्वीकार करते ही पहले से मौजूद सीबीआइ टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने आरोपित के मनाली स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली तो एक दिन पहले ली 40 हजार रुपये की रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। आवास से करीब 10 लाख रुपये नकद भी मिले। सीबीआइ का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।