झारखंड में भाजपा की रणनीति तेज, मतांतरण और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर बड़ा राजनीतिक फोकस
BJP Steps Up Strategy in Jharkhand
दुमका। BJP Steps Up Strategy in Jharkhand, पश्चिम बंगाल में प्रखर हिंदुत्व के मुद्दे पर मिली प्रचंड जीत के बाद भाजपा की रणनीतिक नजर अब झारखंड पर टिक गई है। पार्टी मतांतरण, डि-लिस्टिंग और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर विरोधी दलों पर चौतरफा हमला करने की तैयारी में जुटी है।
जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 24 मई को नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से पहुंचे करीब डेढ़ लाख जनजातीय समुदाय के लोगों की भीड़ से भाजपा रणनीतिकार उत्साहित हैं।
संसद में विधेयक लाने की मांग
जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. राजकिशोर हांसदा ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की करीब 750 श्रेणियां हैं, जबकि झारखंड में इनकी संख्या 35 से बढ़कर 37 हो गई है। दिल्ली में आयोजित समागम में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जनजातीय समाज की भागीदारी ऐतिहासिक रही।
डॉ. हांसदा ने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच लंबे समय से मतांतरण करने वालों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने की मांग उठा रहा है। इसके लिए संविधान की धारा 342 में संशोधन की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा मंच की मांगों के समर्थन में है, तो उसे इस संबंध में संशोधन विधेयक लाना चाहिए। जनजाति सांस्कृतिक समागम के जरिए मंच ने केंद्र सरकार, जनजातीय समाज विरोधी राजनीतिक दलों और मिशनरियों को अपनी एकजुटता और ताकत का एहसास कराया है।
मंच का मुख्य विचार सूत्र “तू मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी” रहा। समागम के बाद जनजाति सुरक्षा मंच राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अध्यक्ष को मांग पत्र सौंपकर आवश्यक पहल की मांग करेगा।
तुष्टीकरण की राजनीति का दौर अब समाप्त होने वाला है: निशिकांत
वहीं, मतांतरण और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को लगातार उठाते रहे गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की जनता राष्ट्रहित और राष्ट्रवाद को सर्वोपरि मान रही है।
डॉ. दुबे ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ और मतांतरण जैसे मुद्दों पर तुष्टीकरण की राजनीति का दौर अब समाप्त होने वाला है और आने वाले समय में इन मुद्दों पर राजनीति करने वाले दलों को जनता जवाब देगी।
मैं भाजपा का प्राथमिक सदस्य नहीं हूं लेकिन अगर कांग्रेस हमारी मांगों का विरोध करती है और भाजपा इसके समर्थन में है तो इसमें आश्चर्य करने वाली कोई बात नहीं है। डि-लिस्टिंग की मांग के लिए हम लगातार संघर्षरत हैं। केंद्र सरकार इसमें संशोधन कर जनजातीय समुदाय के हक-अधिकारों की रक्षा करे। -डॉ. राजकिशोर हांसदा, राष्ट्रीय सह संयोजक, जनजाति सुरक्षा मंच
भाजपा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्ववास की नीति पर काम कर देश की जनता की सेवा कर रही है। मतांतरण, बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दे पर हम सड़क से लेकर संसद में मुखर रहे हैं। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को अब पराजय का सामना करना होगा। -डॉ. निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा लोकसभा