यूपी कैबिनेट बैठक: 35 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, किसानों और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा लाभ
Major Benefits for Farmers and the Energy Sector
कैबिनेट ने 37 में से 35 अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर
यूपी में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल
लखनऊ। Major Benefits for Farmers and the Energy Sector, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोक भवन में सम्पन्न यूपी कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर लग गई। कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्ताव आए थे इनमें से 20 व 21 नंबर का प्रस्ताव पास नहीं हुआ।
कैबिनेट की बैठक में सरकार ने अगले रबी फसल खरीद सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति स्पष्ट कर दी है। इससे किसानों की आय में सीधी बढ़ोत्तरी होगी। कैबिनेट के फैसले के अनुसार इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। यह पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल ज्यादा है।
त्वरित फैसला नहीं हो पाता
पिछले दिनों शासन स्तर पर हुई बैठक में पाया गया था कि भू-उपयोग परिवर्तन के लिए मुख्य नगर और ग्राम नियोजक के यहां प्रस्ताव भेजे जाते थे लेकिन उन पर त्वरित फैसला नहीं हो पाता था। अब भू-उपयोग परिवर्तन के लंबित मामलों की समीक्षा और भू-उपयोग प्रक्रिया को सरलीकृत किया गया है। उत्तर प्रदेश में भूमि के उपयोग के आधार पर नक्शा पास करने की व्यवस्था है। योगी सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए नीतियों में संशोधन किया जा रहा है। इससे उद्योग लगाने के साथ ही रियल स्टेट सेक्टर और देश के नामचीन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जमीन मुहैया कराई जा रही है।
गोरखपुर शहर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट
कैबिनेट ने नवीन ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। सरकार की अयोध्या के बाद गोरखपुर शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का "फ्लोटिंग सोलर प्लांट" लगाने के लिए मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। गोरखपुर के फ्लोटिंग सोलर प्लांट को कोल इंडिया लिमिटेड स्थापित करेगा। उत्तर प्रदेश में दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनमें एक औरैया में एनटीपीसी ने 20 मेगावाट का और दूसरा खुर्जा में टीएचडीसी ने 11 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया है।
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर मुहर
परंपरागत ऊर्जा में घाटमपुर पॉवर प्लांट को कैबिनेट में बड़ी मंजूरी दी है। इसमें उत्पादन बढ़ाने के लिए कोल माइन के विकास के खर्च के लिए ₹2242.90 करोड़ रुपये की राशि को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यहां 660 मेगावॉट की तीन यूनिट लगाने का प्रावधान था। दो यूनिट प्रारंभ हो चुकी है और तीसरी जल्द शुरू होने वाली है।
इस प्लांट के लिए 2016 में भारत सरकार ने झारखंड के दुमका में पछवारा कोल माइन एलॉट किया था। घाटमपुर पॉवर प्लांट भारत सरकार व प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम है।