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करनाल से निकलेगी चालीस हजार किलोमीटर लंबी गुरुनानक सद्भावना यात्रा

12 देशों से होकर गुजरते हुए देश भर में लगाए जाएंगे 55 हजार पौधे

करनाल। गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा मँजी साहेब से निफा ने आज शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया के सहयोग से गुरु नानक सद्भावना यात्रा निकालने की घोषणा की। यह यात्रा 10 देशों से होकर गुजऱेगी व 40000 किलोमीटर से ज़्यादा का सफऱ सडक़ मार्ग से तय करते हुए गुरु नानक देव जी के मानवता को दिए संदेश को आम जन मानस तक पहुँचाएगी। यह जानकारी आज गुरुद्वारा मँजी साहेब में निफ़ा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने दी। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी का प्रकाश (जनम) 1469 को अविभाजित भारत के तलवंडी गाँव में हुआ था जो अब पाकिस्तान में है ओर जिसे आजकल ननकाना साहब के नाम से जाना जाता है। गुरु जी द्वारा अपने जीवन में चार यात्राओं जिन्हें चार उदासियाँ भी कहा जाता है में 40000 मील से ज़्यादा का सफऱ पैदल तय किया ओर वर्तमान पाकिस्तान, साउदी अरब, इराक़, ईरान, रूस, अफगनिस्तान, नेपाल, तिब्बत, वर्तमान बांग्लादेश ओर श्री लंका के साथ पूरे भारत वर्ष में मानवता को प्यार व भाईचारे का संदेश दिया। गुरु शिक्षा पर चलते हुए यात्रा के पूरे रूट पर 100 शहरों में गुरु जी के 550वे प्रकाश पूरब की याद में 550-550 पौधे लगाए जाएँगे व कुल 55000 पौधे लगाकर हर पौधे में गुरु नानक देव जी के जनम अस्थान ननकाना साहेब की पवित्र मिट्टी डाली जाएगी। हर पौधे की देखभाल कर उसे पूरा पेढ़ बनाने की जि़म्मेदारी एक एक श्रद्धालु को दी जाएगी ताकि गुरु जी के प्रकाश पर्व के प्रतीक ये 55000 पेढ़ लोगों को छाया, फल व फूल प्रदान करें। इसके अतिरिक्त यात्रा के 10 देशों के पूरे मार्ग से गुरु जी से सम्बंधित पवित्र गुरुद्वारों की मिट्टी इक_ी की जाएगी व यात्रा के समापन पर एक पेढ़ सीमा के इस पार सुल्तानपुर लोधि में व एक पेढ़ सीमा के उस पार नए कोरिडोर के माध्यम से जाकर करतारपुर साहेब में लगाया जाएगा। इन दोनो पेड़ों में पूरे यात्रा मार्ग से एकत्रित मिट्टी डाली जाएगी, ओर ये विशेष पेड़ दोनो देशों व वहाँ दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को गुरु जी के मानवतावादी संदेश की याद दिलाएँगे।

निफ़ा अध्यक्ष ने बताया कि पूरी यात्रा को तीन हिस्सों में बाँटा गया है। पहले हिस्से की यात्रा जुलाई में आयोजित की जाएगी जिसमें पाकिस्तान, साउदी अरब, इराक़, ईरान, उज़्बेकिस्तान, अफगनिस्तान में गुरु जी के यात्रा मार्ग पर स्थित गुरुद्वारों के दर्शन किए जाएँगे व वहाँ 550 वे प्रकाश पूरब की याद में पौधे लगाए जाएँगे। इस रूट पर कुल 11 साथी शामिल होंगे।

्र जिनके सिख, हिंदू, मुसलमान व ईसाई इन सभी धर्मों के साथी शामिल होंगे। दूसरे व तीसरे हिस्से की यात्रा सितंबर व अक्टूबर में आयोजित होगी जो पूरे भारत वर्ष के साथ साथ नेपाल, बंगला देश, श्रीलंका में गुरु जी के पद चिन्हों पर चलते हुए प्यार सद्भावना व सामाजिक सुधार के गुरु जी के संदेश को पहुँचाएगी। इसमें कुल 55 साथी भाग लेंगे। कुछ स्थानों को छोडकऱ सारा रूट सडक़ मार्ग से गाडिय़ों में तय किया जाएगा। यात्रा का समापन 11 नवंबर को करतारपुर साहेब व 12 नवम्बर को सुल्तानपुर लोधि में गुरु के प्रकाश पूरब पर समाप्त होगी।

पाकिस्तान से भी मांगा जाएगा सहयोग

शिरोमणि गतका फ़ेडेरेशन आफ इंडिया के प्रधान गुरतेज़ सिंह खालसा ने बताया कि यात्रा की तैयारियों के लिए विभिन्न संस्थाओं से सम्पर्क किया जा रहा है। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग के लिए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व प्रधान परमजीत सिंह सरना जो पाकिस्तान के गुरुद्वारों में सेवा करवा रहे हैं के माध्यम से सम्पर्क किया गया है।

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