झारखंड में राशन वितरण व्यवस्था होगी हाईटेक, स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू करने की तैयारी
Jharkhand's ration distribution system will be hi-tech
रांची। राज्य के किसी भी लाभुक को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से समय पर खाद्यान्न सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ने जा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजनाओं पर काम चल रहा है।
शीघ्र ही राज्य के अधिसंख्य पीडीएस दुकानों को स्मार्ट पीडीएस सिस्टम से जोड़ने का काम पूरा किया जाएगा और इसके लिए सरकार ने पहले ही बजट का प्रबंध कर लिया है।
1.04 करोड़ रुपये होंगे खर्च
चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 1.04 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को बजट सत्र के दौरान स्वीकृति मिल चुकी है।
राज्य सरकार जन वितरण प्रणाली में प्रोद्यौगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की ओर अग्रसर है। इसके लिए शीघ्र ही कार्रवाई पूरी की जाएगी।
इस क्रम में स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू करते हुए भारत सरकार राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है और दक्षता बढ़ाने को लेकर भी नियमित प्रयास हो रहे हैं।
स्मार्ट राशन कार्ड, आधार से लिंक करना और ई-पास मशीनों के जरिए सही लाभार्थियों को अनाज सुनिश्चित किया जाता है। इसके माध्यम से सरकार अपात्रों को हटाकर सरकारी खाद्यान्न की लीकेज रोकने में सफल हो रही है।
डिजिटल की जा रही पूरी प्रक्रिया
स्मार्ट पीडीएस के माध्यम से खरीद से लेकर वितरण तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल किया जा रहा है। झारखंड में फिलहाल आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन से ही राशन मिलता है, जो फर्जीवाड़े को रोकता है। इतना ही नहीं, सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर लाभुकों की डुप्लीकेसी रोकने में सरकार को सफलता मिली है।
इसी व्यवस्था के जरिए नामों का मिलान कर डुप्लीकेसी (एक व्यक्ति के कई कार्ड) को खत्म किया जा रहा है। सरकार खाद्यान्न परिवहन की निगरानी के लिए कंट्रोल और कमांड सेंटर का प्रयोग कर रही है। अब पात्र व्यक्ति देश में कहीं भी, किसी भी पीडीएस दुकान से उचित दर का भुगतान कर अपना राशन ले सकते हैं।