झारखंड हाई कोर्ट का सख्त निर्देश: 2 माह में बनाएँ मांस बिक्री नियमावली, स्वास्थ्य सचिव खुद देखेंगे मामला

झारखंड हाई कोर्ट का सख्त निर्देश: 2 माह में बनाएँ मांस बिक्री नियमावली, स्वास्थ्य सचिव खुद देखेंगे मामला

Jharkhand High Court Strict Directive

Jharkhand High Court's Strict Directive

रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में रांची सहित पूरे राज्य में खुले में मांस की बिक्री के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश के बाद भी इससे संबंधित नियमावली नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई। 

अदालत ने मामले में स्वास्थ्य सचिव को इस मामले को देखने और दो माह में नई नियमावली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। 

फूड सेफ्टी रेगुलेशन का सख्ती से पालन किया जाए

अदालत ने कहा कि जब तक राज्य सरकार का नया रेगुलेशन लागू नहीं हो जाता, तब तक केंद्र सरकार के वर्ष 2011 के फूड सेफ्टी रेगुलेशन का सख्ती से पालन किया जाए। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि कोर्ट के निर्देश के बाद भी अभी तक नियमावली नहीं बनाई गई है। 

नगर निगम और नगर विकास एक दूसरे सिर्फ पत्र लिख रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा, दो माह में सरकार को नियमावली बनाकर कोर्ट को सूचित करना होगा। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि था कि अभी खुले में मांस काटकर और लटकाकर बेचा जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। 

मॉडल फूड सेफ्टी रेगुलेशन तैयार

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट की एकल पीठ के वर्ष 2023 के फैसले के अनुसार पशु वधशाला के लिए नियम बनाए थे, लेकिन अब तक उसका नोटिफिकेशन और गजट प्रकाशन नहीं हुआ है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि केंद्र सरकार द्वारा लागू फूड सेफ्टी रेगुलेशन के आधार पर झारखंड के लिए भी मॉडल फूड सेफ्टी रेगुलेशन तैयार किया जा रहा है। 

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभम कटारुका ने कोर्ट को बताया कि राज्य में अभी भी खुले में मीट की बिक्री जारी है। कई जगहों पर बस स्टाप के पास खुले में मांस काटकर लटकाया जाता है, जिसपर मक्खियां बैठी रहती हैं। ऐसे मांस के सेवन से लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। बता दें कि श्यामानंद पांडेय ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। 

याचिका में कहा गया है कि रांची सहित राज्य के विभिन्न इलाकों में मीट विक्रेता खुले में कटे हुए बकरे और चिकन का प्रदर्शन कर बिक्री करते हैं, जो फूड सेफ्टी नियमों और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ है।