झारखंड में 'चिट्ठी' पर घमासान: झामुमो की कांग्रेस को नसीहत और महंगाई पर 'रण'

झारखंड में 'चिट्ठी' पर घमासान: झामुमो की कांग्रेस को नसीहत और महंगाई पर 'रण'

Jharkhand battles over letter: JMMs advice to Congress

Jharkhand battles over 'letter': JMM's advice to Congress

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उस टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल कराने पर कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने कोई पहल नहीं की। 

झामुमो के प्रधान महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को भाषा सहित विभिन्न मुद्दों पर वित्त मंत्री द्वारा सरकार को कटघरे में खड़ा करने पर तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। 

उन्होंने कहा कि जो बातें कैबिनेट के अंदर होनी चाहिए या गठबंधन के नेताओं के बीच होनी चाहिए, वह बातें अगर बाहर आती हैं तो यह अफसोसजनक है। इस तरह, वित्त मंत्री की चिट्ठीबाजी प्रकरण में अब झामुमो भी कूद गया है।

2029 तक का हमें जनादेश दिया

झामुमो महासचिव ने कहा कि गठबंधन के भीतर हमें ऐसी बातों से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 का विधानसभा चुनाव महागठबंधन ने राज्य के विकास तथा यहां के लोगों की सेवा की भावना से मिलकर लड़ा था। जनता ने वर्ष 2029 तक का हमें जनादेश दिया। इस बीच में हमें कोई ऐसी चीज नहीं करनी चाहिए जो जनादेश के विपरीत हो। 

दरअसल, वित्त मंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के विरुद्ध प्रदेश प्रभारी को दूसरी बार पत्र लिखा था। उसमें उन्होंने मगही, भोजपुरी को जेटेट में शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश नेतृत्व की उदासीनता का कड़ा आरोप लगाया था। 

उन्होंने कहा था कि पलामू सहित कई जिलों में मगही, भोजपुरी आदि भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन जेटेट में इसे शामिल करने पर पार्टी ने सरकार पर दबाव नहीं डाला। न ही इसे लेकर कोई पहल किया।

महंगाई व गैस सिलेंडर को लेकर आंदोलन करेगा झामुमो

बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सत्तारूढ़ झामुमो ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। यह जानकारी देते हुए पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी आम जनता से जुड़े इन मुद्दों को लेकर अब सड़कों पर उतरने वाली है। 

इसके तहत गुरुवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आवश्यक वस्तुओं की महंगाई गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। उन्होंने इसे आम जनता के जीवन पर सीधा असर डालने वाला मुद्दा बताया।