Punjab में पीलिया का प्रकोप, 13 वर्षीय बच्ची की मौत, 22 बच्चे संक्रमित
- By Gaurav --
- Saturday, 28 Feb, 2026
Jaundice outbreak in Punjab; 13-year-old girl dies, 22 children infected
पंजाब के फिरोजपुर जिले के हजारा सिंह वाला गांव में पीलिया (जॉन्डिस) के संदिग्ध संक्रमण ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। 13 वर्षीय शैलजा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने पुष्टि की कि गांव में 22 अन्य बच्चों में भी संक्रमण पाया गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता और दहशत का माहौल बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा चौथी में पढ़ने वाली शैलजा को कुछ दिन पहले तेज बुखार और पीलिया के लक्षण दिखाई दिए थे। परिवार के अनुसार, उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शैलजा के पिता मनजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी को पहले सामान्य बुखार समझकर दवा दी गई, लेकिन जल्द ही उसकी त्वचा और आंखें पीली पड़ने लगीं। वहीं मां सीमा सिंह ने कहा कि परिवार के अन्य दो बच्चे—मोनिका (15) और राहुल (10)—भी पेट के संक्रमण से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में तुरंत डेरा डाल दिया है। घर-घर सर्वेक्षण कर लोगों की जांच की जा रही है। अब तक 58 लोगों के रक्त नमूने लिए गए, जिनमें से 22 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित बच्चों की निगरानी की जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने दूषित पेयजल को संक्रमण फैलने का संभावित कारण माना है। गांव के जल स्रोतों, हैंडपंप और पाइपलाइन की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल उबला हुआ या स्वच्छ पानी ही पिएं। साथ ही भोजन बनाने और पीने के पानी को ढंककर रखने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
जिले की उपायुक्त दीपशिखा शर्मा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, ताकि संक्रमण के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में फिलहाल चिकित्सा दल तैनात है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों में बुखार, उल्टी, पेट दर्द या त्वचा और आंखों का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर उपचार से पीलिया को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों में अभी भी चिंता बनी हुई है। आने वाली जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा कि संक्रमण का सटीक कारण क्या है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।