Jalandhar Girl Dead in Oman: ओमान से बेटी का फोन- मम्मी मुझे बचा लो, मैं फंस गई; फिर आई मौत की खबर

ओमान से बेटी का फोन- मम्मी मुझे बचा लो, मैं फंस गई; फिर आई मौत की खबर, जालंधर से काम के लिए गई थी, परिजनों ने कहा- हत्या हुई

Jalandhar 22 Year Old Girl Death In Oman Mystery Family Members Allegation

Jalandhar 22 Year Old Girl Death In Oman Mystery Family Members Allegation

Jalandhar Girl Dead in Oman Case: पंजाब के जालंधर से एक 22 साल की लड़की ओमान में काम कर पैसे कमाने गई थी ताकि वह अपने और अपने घर वालों के लिए कुछ कर सके। लेकिन सही सलामत भेजी बेटी की जब लाश घर वालों के पास आई तो उन पर दुख का आसमान फट गया। अब परिजनों का गंभीर आरोप है कि ओमान में काम कराने वाले लोगों ने मारपीट कर उनकी बेटी की हत्या की। वह लगातार बेटी को प्रताड़ित कर थे। जिसके बारे में उसने फोन पर कई बार बताया था।

वहीं परिजनों का कहना है कि जालंधर के उस एजेंट की भी इस हत्या में मिलीभगत है, जिसने पैसे लेकर बेटी को सपनों के जाल में फंसाकर उसे ओमान भेजा। परिजनों का यह भी आरोप है कि बेटी से काम कराया गया और उसे एक भी महीने की सैलरी नहीं दी गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जालंधर पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों ने जालंधर पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर के यहां भी चक्कर लगाए। लेकिन वहां से भी हताशा और निराशा ही हाथ लगी।

परिजनों ने कहा- 24 अप्रैल को हत्या की गई

दैनिक अर्थ प्रकाश के चंडीगढ़ स्थित मुख्य कार्यालय पहुंचे मृतक पीड़िता के परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी 2 अक्टूबर 2025 को जालंधर के एजेंट जसकरण के जरिए यहां से ओमान गई थी। उन्होंने इसके लिए एजेंट जसकरण 71 हजार रुपये दिये। वहीं उसे 3.70 काम वाली जगह से मिलने थे। परिजनों का आरोप है कि जब बेटी ओमान पहुंची तो उसके पहुंचने के बाद ही उसके साथ मारपीट की गई। जिसकी जानकारी उसने फोन पर दी। वह बीच-बीच में फोन कर प्रताड़ित किए जाने और वहां बुरी तरह से फंसे होने की बात कहती रहती थी। परिजनों का कहना है कि बेटी से ज्यादा बातचीत नहीं हो पाती थी क्योंकि उसका फोन अक्सर स्विच ऑफ जाता था। आरोप है कि वहां काम पर रखने वाले लोग उसको परेशान कर उसका फोन जबरदस्ती बंद कर देते थे।

लास्ट फोन आया, कहा- मम्मी मेरे को बचा लो

परिजनों के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को बेटी का लास्ट फोन आया। वह काफी घबराई हुई थी। उसने बात करते हुए कहा, मम्मी मेरे को बचा लो, मेरी जान चली जाएगी। हमने उससे कहा कि हम उसे वापस बुलाने की कोशिश कर रहे हैं, जल्दी उसे वापस बुला लेंगे। इसके बाद फोन कट गया। वहीं 22 को उसका फोन नहीं मिला। इसके बाद 24 अप्रैल को फोन आया की बेटी की मौत हो गई है। जिसमें कहीं हार्ट अटैक और कहीं सुसाइड की बात कही गई। परिजनों ने कहा कि हम 4-5 दिनों में बेटी को बुलाने वाले थे लेकिन उसे पहले ही मार डाला गया। क्योंकि वह वहां गलत काम कराने लोगों और संबन्धित एजेंट के भोली-भाली लड़कियों को फंसाकर यहां प्रताड़ित किए जाने को लेकर सब कुछ जान गई थी।

आरोप- जालंधर पुलिस का रवैया ढीला-ढाला रहा

मृतक पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि 24 अप्रैल को बेटी की मौत की जानकारी के बाद जालंधर पुलिस को इसकी शिकायत दी गई लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने मामले में लापरवाही दिखाई। इसके बाद जब 3 मई 2026 को बेटी का शव ओमान से जालंधर घर पहुंचा। इसके बाद भी पुलिस का रवैया ढीला-ढाला ही रहा। परिजनों ने बताया कि जब हमने रोष में आकर 3 मई को बस स्टैंड के पास बेटी को इंसाफ के लिए धरना-प्रदर्शन किया तब जाकर पुलिस हरकत में आई और उसी दिन एफ़आईआर दर्ज की। परिजनों का कहना है कि वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, आरोपी जसकरण एजेंट फरार है और उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। परिजनों ने इस पूरे मामले में एक महिला का भी नाम लिया है।

इंस्टाग्राम पर मिला था एजेंट जसकरण

परिजनों ने बताया कि बेटी को ऑनलाइन इंस्टाग्राम पर एजेंट जसकरण मिला था। जिसके बाद उसने बेटी से विदेश भेजने और वहां काम दिलाने की बात कही। इसके बाद हम बेटी के कहने पर जसकरण के जालंधर स्थित ऑफिस गए। जहां बातचीत के बाद बेटी को ओमान भेजने की बात हुई। परिजनों का कहना है कि बेटी की मौत के बाद से एजेंट जसकरण दफ्तर बंद कर फरार है और उन्होंने इस मामले में कार्रवाई किए जाने को लेकर जालंधर सीपी और डीसी से भी मुलाक़ात की है। वह अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने और न्यायपूर्ण कार्रवाई किए जाने को लेकर दर-दर भटक रहे हैं।

परिजन बोले- ऐसे किसी और की बेटी न फंसे

परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी तो चली गई, जो कभी भी लौटकर नहीं आएगी। लेकिन जिस तरह उनकी बेटी को फंसाया गया और मारा गया। ऐसा किसी और की बेटी के साथ न हो। हम इसलिए इस मामले में कड़ी कार्रवाई चाहते हैं, ताकि आरोपियों को भी सबक मिले। परिजनों का कहना है कि हर रोज ऐसे एजेंट न जाने कितनी भोली-भाली लड़कियों और लोगों को विदेश भेजने के नाम पर फंसा रहे हैं। बता दें कि जालंधर पुलिस ने अब तक इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143 मानव तस्करी के अपराध, BNS की धारा 318(4) धोखाधड़ी और BNS की धारा 61 आपराधिक षड्यंत्र के तहत आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में हम जालंधर पुलिस का बयान लेने की भी कोशिश कर रहे हैं।

यह पूरी खबर मृतक पीड़िता के परिजनों के बयान पर ही आधारित है, इस खबर से संबन्धित अधिक जानकारी मिलने के साथ इसे अपडेट कर दिया जाएगा...