NEET पेपर लीक मामले पर गैरसैंण और कर्णप्रयाग में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Students protest in Gairsain and Karnaprayag over the NEET
गैरसैंण (चमोली)। Students protest in Gairsain and Karnaprayag over the NEET, नीट पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र मुखर हो उठे हैं। कर्णप्रयाग और गैरसैंण में छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति को पत्र प्रेषित किया है।
गुरुवार को गैरसैंण में छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रामलीला मैदान में एकत्र हुए और मुख्य चौराहे से डाकबंगला रोड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे।
वहां छात्रों ने एक घंटे तक नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र प्रेषित किया।
नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले गिरोह को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
इस अवसर पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, नगर अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत, युकां के पंकज रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गढ़वाल विवि दान सिंह नेगी, हरेंद्र कंडारी, मंजू बिष्ट, सभासद उमा ढौंडियाल, प्रदीप कुंवर, जयदीप कुंवर, चित्रांशी साह, अंकित चौहान, आशीष बिष्ट, कृष फनियाल, मेघा पंवार, रिया पंवार, चित्रा शाह, महिमा, महजबी, मेघा पंवार, संदीप धीमान सहित कई छात्र नेता और कांग्रेसी मौजूद रहे।
वहीं कर्णप्रयाग में भी छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने पोखरी पुल से उमा देवी तिराहे होते हुए मुख्य बाजार तक जनआक्रोश रैली निकाली। इस दौरान सरकार के तानाशाही रवैये के विरोध में नारेबाजी कर मशाल जुलूस में भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना उचित नहीं है और सरकार का जनविरोधी रवैया हर क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर रहा है। किसानों के खिलाफ सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए गए।