'अलर्ट रहो, कहीं तुम ही न निपट जाओ...' ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी की राष्ट्रपति ट्रंप को खुली धमकी, जंग का आज 12वां दिन
Iran Threat To Donald Trump Between War Breaking News
Iran Threat To Trump: मिडिल ईस्ट में 'ईरान और अमेरिका-इजरायल' जंग का आज 12वां दिन है। एक-दूसरे पर जारी हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं। इस बीच जुबानी चेतावनी और धमकियों का सिलसिला भी जारी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकाते और चेताते हुए देखे जा रहे हैं तो वहीं ईरान भी कोई कमतर नहीं है। ईरान जहां गोला-बारूद से हमलों का पूरा जवाब दे रहा है तो वहीं जुबानी तौर से भी ट्रंप पर पलटवार कर रहा है। अब ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने राष्ट्रपति ट्रंप को खुली धमकी दी है।
'अलर्ट रहो, कहीं तुम ही न निपट जाओ...'
दरअसल ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है. लारीजानी ने सोशल मीडिया X पर लिखा, ''आशूरा से प्रेम करने वाले ईरानी लोग तुम्हारी खोखली धमकियों से नहीं डरते, क्योंकि तुमसे भी बड़े लोग इसे मिटाने में नाकाम रहे हैं, इसलिए सावधान रहो, कहीं तुम ही न निपट जाओ'' लारीजानी ने ये बयान ट्रंप के ट्रूथ सोशल पोस्ट को रिट्वीट करते हुए दिया। जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कोई ऑयल शिप गुजरने से रोकता है, तो उसपर 20 गुना ज्यादा तेजी से हमला किया जाएगा।
الشعب الإيراني العاشورائي لا يخشى تهديداتكم الجوفاء؛
فقد عجز الأكبر منكم عن محوه…
فاحذروا أن تكونوا أنتم من يزول. pic.twitter.com/dmxd4kKTmi
दरअसल हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के कंट्रोल वाले स्ट्रेट हॉर्मुज जलमार्ग (जलडमरूमध्य) के रास्ते होने वाली तेल सप्लाई बाधित होने को लेकर बयान जारी किया था। जिसमें ट्रंप का कहना था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल का बहाव रोक देता है तो ईरान को 20 गुना ज़्यादा नुकसान होगा। ट्रंप ने पोस्ट करते हुए लिखा था, ''अगर ईरान कुछ ऐसा करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट में तेल का बहाव रुक जाता है, तो अमेरिका उन पर अब तक हुए हमलों से बीस गुना ज़्यादा ज़ोरदार हमला करेगा। इसके अलावा, हम ऐसे टारगेट को खत्म कर देंगे जिन्हें आसानी से खत्म किया जा सकता है, जिससे ईरान के लिए एक देश के तौर पर फिर से खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
जंग थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे
फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच 'ईरान और अमेरिका-इजरायल' जंग के अभी जंग थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। एक तरफ जहां ईरान को झुकाने के लिए 'अमेरिका-इजरायल' की तरफ से हमले तेज हो रखे हैं तो वहीं ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। इसके साथ ही वह अन्य ढांचों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बना रहा है।
माना जा रहा है कि ईरान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया में आर्थिक दबाव बढ़े और अमेरिका-इजराइल अपने हमले रोकने के लिए मजबूर हो जाएं। क्योंकि हाल ही में ईरान ने कहा था कि जंग लड़ना उसकी मजबूरी है। जंग उसने शुरू नहीं की बल्कि उसके देश पर जंग थोपी गई। इसलिए अब अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान तय करेगा कि जंग कब खत्म करना है। बता दें कि जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। साथ ही गैस आपूर्ती भी प्रभावित हो रही है। कुलमिलाकर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा रहा है।
जंग में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 2000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं। वहीं इस जंग में अमेरिका के 7 सैनिक शहीद हुए हैं और कई सैनिक घायल हैं। जबकि इरानी हमलों में इजरायल के अलावा यूएई, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुक सान हुआ है.