झारखंड में लापता और अपहृत लोगों की तलाश होगी तेज, डीजीपी के निर्देश पर बनेगी मॉनिटरिंग टीम

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Search for missing and abducted persons in Jharkhand

रांची। Search for missing and abducted persons in Jharkhand, राज्य में लापता व अपहृत बच्चों, व्यस्कों की तलाश, बरामदगी के लिए डीजीपी के आदेश में मानीटरिंग टीम का गठन किया जा रहा है। माॅनिटरिंग टीम की अगुआई संबंधित जिले के डीएसपी मुख्यालय करेंगे।

टीम में एक इंस्पेक्टर व संबंधित जिले में पदस्थापित सीआइडी के एक पदाधिकारी, एक महिला व एक पुरुष दारोगा शामिल होंगे। डीजीपी के आदेश पर सभी एसपी अपने-अपने जिले में माॅनिटरिंग सेल का गठन करेंगे। इस सेल को प्रत्येक 15 दिन में रिपोर्टिंग करनी है, जिसकी मुख्यालय स्तर पर समीक्षा होगी।

यह सेल सिर्फ लापता मामलों की ट्रैकिंग, बरामदगी और जांच की प्रगति पर नजर रखेगी। इस कदम मानव तस्करी और अपहरण के नेटवर्क पर नकेल कसने की दिशा में बड़ा और रणनीतिक निर्णय है। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को जल्द से जल्द टीम गठित कर इसकी सूचना देने को कहा गया है।

 

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में आलोक में यह टीम गठित की जा रही है। सीआईडी की ओर से सभी जिलों से इस संबंध में जानकारी मांगी जा रही है। सीआईडी ने यह भी जानकारी मांगी है कि दो साल में जिलों में मानव तस्करी के कितने केस दर्ज हुए, कितने बच्चों की बरामदगी हुई और जिलों में संचालित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को और बेहतर तरीके से कैसे संचालित किया जा सकता है।

ऐसे काम करेगा माॅनिटरिंग सेल

डीजीपी ने माॅनिटरिंग सेल का स्वरूप भी स्पष्ट किया है और जिम्मेदारी तय की है। माॅनिटरिंग टीम अपने-अपने जिले में लापता व अपहृत बच्चों व बड़ों की बरामदगी का डेटा जुटाएगी और उसपर की गई कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट प्रत्येक माह के एक व 16 तारीख को अपने एसपी को देगी।

एसपी उस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे और प्रत्येक माह की सात तारीख को उसे डीआईजी के माध्यम से सीआईडी को भेजेंगे। सीआईडी में एडीजी या आईजी स्तर के पदाधिकारी पूरे मामले की समीक्षा करेंगे और उससे संबंधित रिपोर्ट डीजीपी को भेजेंगे। पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इसकी अंतिम रूप से निगरानी होगी।