श्रीमद भागवत कथा में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई, 56 भोग किया अर्पित
Shrimad Bhagwat Katha
गोवर्धन पूजा प्रकृति का संरक्षक हमारे जीवन का आधार: कथा व्यास महेश माधव शास्त्री
बघौला के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर में सवा लाख मंत्रों का किया जा रहा है जापबघौला नगरी का नजारा वृंदावन से कम नहीं
पलवल। दयाराम वशिष्ठ : Shrimad Bhagwat Katha: बघौला के श्री लमी नारायण मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन व्यास महेश माधव शास्त्री जी ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। कथा के दौरान गोवर्धन पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया गया, जिसमें कृष्ण भक्तों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की।
.jpg)
व्यास महेश माधव शास्त्री जी ने कथा के दौरान श्रोताओं को ज्ञान की गंगा में डुबोए रखा। उन्होंने कृष्ण की बाल लीला, पूतना वध, माखन चोरी, दामोदर लीला, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पूजा की कथा का सुंदर वर्णन किया। कथा के दौरान श्रोतागण भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से आनंद विभोर हो गए। पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।

श्रीमद भागवत कथा के दौरान गोवर्धन पूजा का पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण भक्तों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कर भगवान को अन्नकूट (छप्पन भोग) अर्पित किया। पंडित गोबिन्द राम द्वारा तैयार करवाई नख पर गोवर्धन धारण किए कृष्ण की सुंदर झांकी की प्रस्तुति की गई।

दीपा नामक बच्चे को कृष्ण के रूप में जो झांकी प्रस्तुत की, श्रोताओं ने उसकी खूब सराहना की। सुंदर झांकी ने सभी का मन मोह लिया।इस दौरान महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। परीक्षित बने श्री कृष्ण वशिष्ठ के भाई त्रिलोक वशिष्ठ ने अन्न कूट समेत 56 भोग का प्रसाद वितरित किया।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर किए जा रहे हैं सवा लाख जाप
बघौला के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में बनाए गए तीन भवन में लगाई जाने वाली मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भारी उत्साह है। इन दिनों यहां का नजारा वृंदावन से कम नहीं। मंदिर में आचार्य रविकांत जी महाराज के नेतृत्व में 21 विद्वान पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की पूजा अर्चना में जुटे हैं। जहां सवा लाख से अधिक मंत्रो का जाप किए जा रहे हैं।