Haryana Revises Affordable Housing Policy,

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: मेट्रो कॉरिडोर की अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाएं अब बन सकेंगी मिक्स्ड लैंड यूज

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Haryana Revises Affordable Housing Policy,

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेजी से बढ़ते शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए अफोर्डेबल हाउसिंग नीति में बड़ा संशोधन किया है। नई नीति के तहत ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और मेट्रो कॉरिडोर में स्थित अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ मिक्स्ड लैंड यूज कॉलोनियों में परिवर्तित किया जा सकेगा।

यह निर्णय गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और बहादुरगढ़ जैसे शहरों की मौजूदा परियोजनाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगा। साथ ही भविष्य में दिल्ली-कुंडली और बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार क्षेत्रों में विकसित होने वाली परियोजनाओं को भी इसका फायदा मिलेगा।

सरकार ने वर्ष 2013 की अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग नीति में संशोधन करते हुए केवल TOD क्षेत्रों के लिए लाइसेंस परिवर्तन की अनुमति दी है। इससे डेवलपर्स को परियोजनाओं की मौजूदा जरूरतों के अनुसार नए लेआउट तैयार करने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, मिक्स्ड लैंड यूज कॉलोनियों में कम से कम 7.5 प्रतिशत क्षेत्र व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

सरकार ने फ्लैट खरीदारों के हितों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। जिन परियोजनाओं में तीसरे पक्ष के अधिकार बन चुके हैं, वहां सभी आवंटियों की लिखित सहमति के बिना लाइसेंस परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। वहीं, जिन परियोजनाओं में अभी तक ऐसे अधिकार नहीं बने हैं और जो हरेरा में पंजीकृत नहीं हैं, वहां डेवलपर को शपथ पत्र देना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल TOD क्षेत्र तक सीमित रहेगी। इन क्षेत्रों से बाहर स्थित अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को मिक्स्ड लैंड यूज में बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी।

इसी बीच टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। रेवाड़ी के बावल में वर्ष 2014 में लाइसेंस मिलने के बावजूद परियोजना विकसित न करने, सरकारी देनदारियां जमा न करने और लाइसेंस शर्तों का पालन न करने पर शिवा मेगा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब कंपनी, उसके निदेशकों और उनसे जुड़ी किसी भी इकाई को हरियाणा में भविष्य में नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।