हरियाणा सरकार भर्ती करेगी दो हजार एसपीओ, मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी
हरियाणा सरकार भर्ती करेगी दो हजार एसपीओ

हरियाणा सरकार भर्ती करेगी दो हजार एसपीओ, मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी

हरियाणा सरकार भर्ती करेगी दो हजार एसपीओ, मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी

पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के11 हजार पद खाली
सरकार ने भर्ती नियमों पर भी लगाई मोहर

चंडीगढ़, 21 जुलाई। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में दो हजार विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ)की भर्ती करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में कांस्टेबल के रिक्त पदों के विरूद्घ दो हजार एसपीओ को भर्ती करने के प्रस्ताव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
वर्तमान में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के कुल 11 हजार 664 पद रिक्त हैं। इसलिए इन एसपीओ की भर्ती निश्चित रूप से राज्य पुलिस बल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण होगी। इस बीच, पुलिस विभाग को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से पुरुष कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) के 5000 पदों को भरने की अनुमति मिल गई है और यह प्रक्रियाधीन है।
एसपीओ को एक वर्ष की अवधि के लिए या नियमित आधार पर नियुक्ति की तिथि तक, जो भी पहले हो, तक नियोजित किया जाएगा। एसपीओ का चयन एक बोर्ड द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा जिसमें अध्यक्ष के रूप में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित जिले के एक पुलिस उपाधीक्षक (संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा नामित) सदस्य होंगे। चयन में सेना/केन्द्रीय अर्ध-सैनिक बलों  के भूतपूर्व सैनिकों और निरस्त एचएसआईएसएफ /एचएपी बटालियनों के पूर्व कांस्टेबलों को वरीयता दी जाएगी।
एसपीओ मृत्यु/निशक्तता/चोट के मामले में अनुग्रह मुआवजे के पात्र होंगे जो केवल बहादुरी और अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए अपने कार्यालय के कर्तव्यों का पालन करते हुए कार्रवाई में मारे गए/निशक्तता/घायल हो गए हैं।
मृत्यु की स्थिति में अनुग्रह राशि 10 लाख दी जाएगी। स्थायी निशक्तता के मामले में मुआवजा राशि एक लाख से तीन लाख रुपये तक होगी और गंभीर चोट के मामले में यह राशि एक लाख रुपये होगी। हालांकि, प्राकृतिक मृत्यु के मामले में अनुग्रह राशि 10.00 लाख रुपये की बजाए मृतक कर्मचारियों (एसपीओ) के परिवार को तीन लाख रुपये देय होगी।
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न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होगी बारहवीं
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सभी श्रेणियों के लिए मान्यता प्राप्त बोर्डों से बारहवीं होगी। चयनित एसपीओ को उनके गृह पुलिस थानों में तैनात नहीं किया जाएगा, लेकिन जहां तक संभव हो, उन्हें उनके निवास स्थान के पास के पुलिस थानों में तैनात करने का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, जो अन्य जिले में तैनात होने के इच्छुक हैं,उन्हें इस तरह तैनात किया जा सकता है। इन एसपीओ को, उनके चयन के बाद, पुलिस विभाग की आवश्यकतानुसार खुद को फिर से उन्मुख करने के लिए 15 दिनों के कैप्सूल कोर्स को पूरा करना होगा। 
  
एससी, बीसी उम्मीदवारों को मिलेगा पर्याप्त प्रतिनिधित्व
अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को यथासम्भव राज्य सरकार की नीति के अनुसार पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जायेगा। साथ ही, नियुक्त एसपीओ के पास एक सामान्य पुलिस अधिकारी के समान शक्तियां,विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां होंगी और वे समान कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के लिए उत्तरदायी होंगे।