Haryana ₹590 crore IDFC Bank fraud: Panchayat department

हरियाणा ₹590 करोड़ IDFC बैंक फ्रॉड: पंचायत विभाग का सुपरिंटेंडेंट गिरफ्तार, ED की एंट्री से जांच तेज

undefined

Haryana ₹590 crore IDFC Bank fraud: Panchayat department

हरियाणा के सरकारी विभागों से जुड़े करीब ₹590 करोड़ के IDFC बैंक फ्रॉड मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पंचायत विभाग के एक सुपरिंटेंडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहाली के एयरो सिटी में फ्लैट लेकर रह रहा था। अदालत ने उसे 6 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।

इस बीच Enforcement Directorate (ED) ने भी मामले में एंट्री कर ली है। ED ने जांच कर रही Haryana Anti Corruption Bureau (ACB) को पत्र लिखकर केस से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज मिलते ही मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ED अपनी FIR दर्ज कर सकती है।


ED की पैरलल जांच शुरू

सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ACB कार्यालय पहुंच चुकी है और समानांतर जांच शुरू कर दी है। अभी तक आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ नहीं हुई है, लेकिन ACB की रिमांड खत्म होते ही ED आरोपियों को अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में है।

मुख्य आरोपी रिभव ऋषि से शुक्रवार को उसके वकील ने मुलाकात की, हालांकि ACB ने सिर्फ 10 मिनट की अनुमति दी। इस दौरान अधिकारी मौजूद रहे।


4 पॉइंट में समझिए, कहां तक पहुंची ACB की जांच

 बैंक अधिकारियों से पूछताछ

चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों से कई दौर की पूछताछ की गई। आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए गए। फिलहाल कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

 लैपटॉप से डेटा रिकवरी

ACB ने आरोपियों के घर से लैपटॉप और कुछ डायरियां बरामद की हैं। आशंका है कि महत्वपूर्ण डेटा डिलीट किया गया है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से डेटा रिकवर किया जा रहा है।

 जीरकपुर में बिल्डर कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि आरोपी रियल एस्टेट एजेंट के जरिए बिल्डर से जुड़े थे। फ्लैट खरीदने के लिए लेन-देन की बात हुई थी। चंडीगढ़ के एक कारोबारी और बिल्डर मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों की तलाश जारी है।

 ज्वेलर्स से ट्रांजेक्शन का हिसाब

चंडीगढ़-पंचकूला के दो ज्वेलर्स के नाम पर हुए ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। ACB टीम ने शोरूम पहुंचकर खरीददारी का ब्यौरा मांगा है, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया।


फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका?

 रिभव ऋषि – बैंक मैनेजर

सेक्टर-32 स्थित IDFC बैंक ब्रांच का मैनेजर रहा। ACB सूत्रों के अनुसार, वही इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है। छह महीने पहले नौकरी छोड़ चुका था।

 अभय – रिलेशनशिप मैनेजर

ब्रांच में अधिकारियों को एफडी कराने के लिए लॉबिंग करता था। कथित तौर पर पत्नी और साले को भी योजना में शामिल किया।

 स्वाति सिंगला – फर्जी कंपनी की मालकिन

‘स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट’ नाम से कंपनी बनाई, जिसमें 75% हिस्सेदारी उसकी थी। फंड को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर प्रॉपर्टी और शेयर मार्केट में निवेश किया गया।

 अभिषेक सिंगला – स्वाति का भाई

कंपनी में 25% हिस्सेदारी। रियल एस्टेट निवेश और फंड मूवमेंट संभालने की भूमिका।