'दोस्त' से 'बागी' तक: कौन हैं डॉ. अशोक मित्तल जिन्होंने 'आप' का दामन छोड़ 'कमल' थामा?
From 'Friend' to 'Rebel': Who is Dr. Ashok Mittal,
चंडीगढ़। From 'Friend' to 'Rebel': Who is Dr. Ashok Mittal, शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा। आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, डॉ. अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आम आदमी पार्टी से इस्तीफा का एलान कर दिया। आप के दिग्गज नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन दिग्गजों ने आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बता दें कि आप के लिए सबसे बड़े झटके की बात अशोक मित्तल का इस्तीफा है, क्योंकि अभी कुछ दिनों पहले ही राघव चड्डा को डिप्टी लीडर के पद से हटाकर आम आदमी पार्टी ने डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में अपनी पार्टी का डिप्टी लीडर बनाया था और अब अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी को अलविदा कह दिया है। आइए जानते हैं कौन है डॉ. अशोक मित्तल जो आम आदमी पार्टी के बागियों के लिस्ट में शामिल हैं।
कौन हैं डॉक्टर अशोक मित्तल?
डॉक्टर अशोक मित्तल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ डिप्टी लीडर भी हैं। वह एक उद्योगपति हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर भी हैं। डॉ. मित्तल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रशंसनीय कार्य और समाज सेवा के लिए जाने जाते हैं। अशोक मित्तल का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था, लेकिन अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर उन्होंने सफलता प्राप्त की और इतने बड़े मुकाम तक पहुंचे हैं।
डॉ. मित्तल ने पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने के लिए जालंधर में देश के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी(एलपीयू) की स्थापना की। एलपीयू भारत की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटियों में शामिल, जहां 50 से अधिक देशों से छात्र पढ़ने आते हैं।
कब बने थे सांसद?
डॉ. अशोक मित्तल अप्रैल 2022 में राज्यसभा के सांसद बने थे। तब से ही वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। इनमें रक्षा समिति, वित्त समिति प्रमुख है। इसके साथ ही उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री ग्रुप का फरवरी 2026 में सदस्य बनाया गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीएमके सांसद कनीमोझी की अध्यक्षता में रूस, Latvia, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन गए ऑल पार्टी डेलिगेशन में भी अशोक मित्तल शामिल थे।
अरविंद केजरीवाल को ऑफर कर चुके हैं अपना बंगाल
बता दें कि साल 2024 में केजरीवाल ने जब जेल से लौटने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब अशोक मित्तल ने अपना बंगला उन्हें रहने के लिए ऑफर किया था। उस वक्त अशोक मित्तल ने कहा था, केजरीवाल द्वारा CM आवास छोड़ने के बाद मैंने उन्हें खुद के साथ रहने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि आप के अन्य नेताओं ने भी साथ रहने का निमंत्रण दिया था, लेकिन उन्होंने मेरे साथ रहने का फैसला लिया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के अनुसार अशोक मित्तल 91 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं।