कोती झरना मुठभेड़: ऑपरेशन कोतीनीर में चार माओवादी ढेर

कोती झरना मुठभेड़: ऑपरेशन कोतीनीर में चार माओवादी ढेर

Koti Waterfall encounter

Koti Waterfall encounter

 रांची। हजारीबाग जिला के केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू पंचायत के नगडुआ स्थित खपिया जंगल में शुक्रवार को कोती झरना के समीप अभियान के दौरान माओवादियों से मुठभेड़ में चार माओवादी ढेर हो गए।

इस अभियान का नाम दिया गया था ऑपरेशन कोतीनीर। मारे गए माओवादियों के शव की पहचान हो गई है। रांची में प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी गई। 

इनकी पहचान 15 लाख के इनामी माओवादियों के रीजनल कमांडर सहदेव महतो, दस लाख के इनामी जोनल कमांडर रंजीत गंझू, सब जोनल कमेटी सदस्य नताशा व एक लाख का इनामी बुधन करमाली के रूप में हुई है।

सर्च अभियान में दो एके-47, एक कोल्ट एआर 15 राइफल व एक इंसास की बरामदगी हुई है।

पुलिस मुख्यालय में सीआरपीएफ के आइजी साकेत कुमार सिंह, आइजी अभियान डा. माइकल राज एस. आईजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे व सीआरपीएफ के अधिकारी दीपक भाटी तथा आनंद ने संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि आपरेशन कोतीनीर के दौरान चार माओवादियों के मारे जाने के साथ ही पारसनाथ, लुगूझुमरा हजारीबाग, चतरा के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों के दस्ते का पूरी तरह से सफाया हो चुका है।

अधिकारियों ने अपील की है कि शेष बचे हुए माओवादी आत्मसमर्पण कर झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

ऐसे चला अभियान

पुलिस को सूचना मिली कि भाकपा माओवादियों के सशस्त्र दस्ते का रीजनल कमेटी सदस्य व तीन सशस्त्र माओवादी खपिया जंगल में कोती झरना के समीप हैं, जो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं।

इसी सूचना पर संयुक्त बलों की एक टीम बनाई गई। इनमें 209 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर व जिला बल की टीम शामिल हुई। अभियान का नाम कोती झरना के नाम पर कोतीनीर दिया गया।

हजारीबाग, चतरा के सीमावर्ती जंगली क्षेत्र स्थित हजारीबाग जिले के केरेडारी जंगल के खपिया क्षेत्र में पहुंची सुरक्षा बलों को देखते ही शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

इसके बाद सर्च अभियान चलाया, जिसमें मौके से माओवादियों के चार शव व चार हथियार तथा दैनिक उपयोग की सामग्री की बरामदगी हुई। इसके बाद शव की शिनाख्त कराई गई, जिसमें चारों की पहचान हो गई है।

प्रारंभिक जांच में चार माओवादियों की हो चुकी पहचान

सहदेव महतो : रीजनल कमेटी सदस्य। यह 15 लाख का इनामी है और ग्राम कुठन, थाना केरेडारी, जिला हजारीबाग, झारखंड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल 41 कांड दर्ज हैं।

रंजीत गंझू : जोनल कमेटी सदस्य। यह दस लाख का इनामी है और ग्राम सतीटाड़, थाना लावालौंग, जिला चतरा, झारखंड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल नौ कांड दर्ज हैं।

नताशा : यह माओवादियों का सब जोनल कमेटी सदस्य है और मूल रूप से ग्राम थाईपरागढ़, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र की निवासी है। इसके विरुद्ध कुल 17 कांड दर्ज हैं।

बुधन करमाली : यह माओवादियों का एरिया कमांडर है। इसपर राज्य सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह मूल रूप से ग्राम गोदवार, थाना टंडवा, जिला चतरा, झारखण्ड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल दस कांड दर्ज हैं, जिनमें 06 झारखंड व चार बिहार में दर्ज हैं।

सर्च अभियान में ये हथियार हुए हैं बरामद

  • दो एके-47
  • एक कोल्ट एआर 15 राइफल
  • एक इंसास