पलामू में वित्तीय 'सर्जिकल स्ट्राइक': 3 जांच दल गठित; SP ऑफिस के 7 खातों पर शक, एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
Financial 'Surgical Strike' in Palamu
मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड के हजारीबाग व बोकारो जिलों में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से वेतन मद में अवैध निकासी के मामले सामने आने के बाद पलामू में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। वित्त विभाग, झारखंड व प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), रांची से प्राप्त सूचना के आलोक में पलामू जिला प्रशासन ने वित्तीय लेन-देन की व्यापक जांच शुरू कर दी है।
पीएमयू कोषांग, वित्त विभाग द्वारा किए गए डेटा एनालिसिस में यह सामने आया है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पलामू से पिछले एक वर्ष के दौरान सात बैंक खातों में राशि की निकासी की गई है। इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट वित्त विभाग को भेजी जा चुकी है।
प्रशासन ने पाया है कि जिले के विभिन्न विभागों द्वारा कोषागार से विपत्र के माध्यम से निकासी के अलावा पीएफएमएस, आरटीजीएस व चेक के जरिए भी भुगतान किया जाता है। ऐसे में सभी माध्यमों से हो रहे वित्तीय लेन-देन की समग्र जांच जरूरी मानी गई है।
इसी को लेकर उपायुक्त समीरा एस ने तीन जांच दलों का गठन किया है, जिन्हें अलग-अलग विभागों व कार्यालयों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये दल कोषागार से निकासी के साथ-साथ पीएफएमएस, चेक व आरटीजीएस के जरिए हुए भुगतान की भी गहन जांच करेंगे।
अलग-अलग विभाग की जांच करेंगे जांच दल
पहले जांच दल में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, सिविल सर्जन डा.अनिल कुमार श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू और नजारत उप समाहर्ता नीरज कुमार को शामिल किया गया है, जिन्हें स्वास्थ्य व संबंधित कार्यालयों की जांच सौंपी गई है।
दूसरे जांच दल में भूमि सुधार उप समाहर्ता प्यारे लाल, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) पियूष, श्रम अधीक्षक अमित कुमार चौधरी को शामिल करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
तीसरे जांच दल में डीआरडीए निदेशक रतन कुमार सिंह, दंडाधिकारी अनंत कुमार झा और जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा को शामिल किया गया है, जिन्हें जिला कृषि कार्यालय (आत्मा सहित) की जांच सौंपी गई है।
उपायुक्त ने सभी जांच दलों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर विस्तृत संयुक्त जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई से जिले में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रशासन की सख्ती साफ झलक रही है।